साई शाह मस्ताना जी महाराज (डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक )
कार्तिक पूर्णिमा का दिन इस ब्रह्मांड में एक अलौकिक शक्ति के अवतार का दिवस है , कार्तिक महीने की पूर्णिमा के दिन Dera Sacha Sauda के संस्थापक Shah Mastana Ji महाराज ने लोगों की बुराइयां छुड़वाने व उन्हें मोक्ष प्राप्ति का मार्ग दिखाने के लिए इस धरती पर अवतार लिया ।
आज का दिन Dera Sacha Sauda के अनुयायियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, साई शाह मस्ताना जी महाराज को बधाई देने के लिए Dera Sacha Sauda के अनुयायियों द्वारा आज मानवता भलाई के कार्य किए गए क्योंकि एक मुरीद के लिए उसके गुरु के अवतार दिवस से बड़ा कोई उत्सव नहीं होता ।
आध्यात्मिकता के सच्चे गुरु Shah Mastana Ji महाराज जी ने लोगों को राम के नाम से जोड़ा और लोगों के जीवन में जो अंधकार था उसे मिटाकर उनके जीवन में उजाला भर दिया व लोगों को सच्ची राह पर चलना सिखाया l
डेरा सच्चा सौदा ( सिरसा )आश्रम में साई शाह मस्ताना जी महाराज के अवतार दिवस के उपलक्ष में किए गए अनोखे मानवता भलाई के कार्य
बेघरों को बनाकर दिए मकान :-
डेरा सच्चा सौदा के स्वयंसेवकों द्वारा अपनी नेक कमाई का हिस्सा निकालकर अति जरूरतमंद परिवारों के लिए सैकड़ों घर बना कर दिए जा चुके है और साई शाह मस्ताना जी महाराज के अवतार दिवस के उपलक्ष में आज Dera Sacha Sauda (सिरसा ) आश्रम में दो अति जरूरतमंद परिवारों को घर बनाकर उनकी चाबियां सौंपी गई।
अवतार दिवस की खुशी में किये गए गर्म वस्त्र वितरित :-
साई शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार दिवस के उपलक्ष में Dera Sacha Sauda (सिरसा) आश्रम में 130 आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के लिए गर्म कपड़ों के किट वितरित किए गए, 130 परिवारों में 70 महिलाएं व 60 पुरुष शामिल है, 70 महिलाओं में गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, किट में मफलर, कैप, मोजे, दस्ताने आदि सभी सर्दियों के सामान शामिल थे।
कुल का क्राउन मुहिम तहत हुई शादी :-
जिन मां बाप के एक बेटी हैं उनके लिए पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी ने एक मुहिम चलाई, जिसके तहत लड़की बारात लेकर आती है और लड़के को ब्याह कर अपने घर ले जाती हैं व लड़का लड़की मिलकर उम्रभर मां बाप की सार संभाल करते हैं Dera Sacha Sauda आश्रम में आज ऐसी एक शादी हुई और आज से पहले ऐसी 23 शादियां हो चुकी है यह 24वी शादी हुई है।
दहेज मुक्त विवाह हुआ सम्पन्न :-
डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा दहेज मुक्त विवाह किए जाते हैं और आज ऐसे 14 विवाह Dera Sacha Sauda (सिरसा) में संपन्न हुए, महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए Dera Sacha Sauda के पूज्य गुरु Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan द्वारा दहेज मुक्त विवाह मुहिम की शुरुआत की गई और आज से पहले ऐसे हजारों विवाह संपन्न हो चुके हैं ।
इसके अतिरिक्त Dera Sacha Sauda के स्वयंसेवकों द्वारा अपने-अपने ब्लॉकों शहरों में Blood Donation , Tree Plantaion , Food Donate आदि कार्य करके साई शाह मस्ताना जी महाराज को पावन अवतार दिवस की बधाई दी गई ।
डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई हर खुशी के अवसर पर हजारों जीवात्माओ की मदद करते हैं उनके दुख दर्द को दूर करते हैं और उनके चेहरे पर खुशी लाते हैं |
Dera Sacha Sauda के मौजूदा पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी है, जिन्होंने करोड़ों लोगों को नेकी भलाई के रास्ते पर चलना सिखाया है , इस प्रकार पूजनीय गुरु संत डॉक्टर Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan, बेपरवाह Sai Shah Mastana Ji महाराज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं |
इस धरती को सौभाग्य प्राप्त है कि यह कभी संत , पीर पैगंबर से रहित नहीं होती, हर युग में इस धरती पर, संत पीर पैगंबर ,ऋषि, मुनि अवतार लेते आ रहे हैं और गुरु रूप में लोगों को गुरु मंत्र देकर उनका उद्धार करते हैं ।
गुरु- गुरु शब्द सुनकर हमारा दिल अलग ही खुशी का अनुभव करता है , सच्चा गुरु वही होता है “जो अज्ञानता रूपी अंधकार में ज्ञान का दीप जला दे” जो रूहानियत सूफीयत का सही दर्शन करवाता है ।
मानव को सही रास्ता दिखाने के लिए व समाज को बुराइयों से बचाने के लिए संत महापुरुष धरती पर अवतार धारण करते है |
इस सृष्टि को देखते हुए ऐसे ही एक महान संत “परम पूजनीय बेपरवाह साई शाह मस्ताना जी महाराज” ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस धरती पर अवतार लिया, काल के जाल में फंसे हुए लोगों को मुक्त कराकर उन्हें मोक्ष मुक्ति का रास्ता दिखाया |
जीवन परिचय :-
पूजनीय परम संत साई बेपरवाह मस्ताना जी महाराज का जन्म विक्रमी संवत 1948 , कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन (सन 1891), पूज्य पिता श्री पिल्लामल जी के घर, गांव – कोटडा ,तहसील -गंधेय (गन्दवा), जिला कलायत( कलात)बिलोचिस्तान (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ । साई जी के माता जी का शुभ नाम पूज्य माता तुलसां बाई जी था व साई जी के बचपन का नाम “खेमामल” था, साई जी खत्री वंश से संबंध रखते थे।
पूज्य माता-पिता जी के चार लड़कियां थीं परंतु लड़का नहीं था, इसलिए पुत्र की कामना की इच्छा से उन्होंने बहुत से फकीरों से भेंट की।
उच्चकोटि का महान संत का होगा जन्म :- एक बार एक फकीर ने उनकी सेवा भावना व सच्ची तड़प को देखकर खुश होते हुए वचन फरमाया, ( वह फकीर अल्लाह, प्रभु का सच्चा भक्त , उच्च कोटि का पहुंचा हुआ फकीर था।) कि लड़का तो आपके घर जन्म ले लेगा लेकिन वो आपके काम नहीं आएगा। यदि यह शर्त मंजूर है तो बताओ ? पूज्य माता जी ने फकीर के वचनों को मानते हुए तुरंत कहा कि हमें ऐसा भी मंजूर है, इस प्रकार उस सच्चे फकीर की सच्ची दुआ से व भगवान की कृपा से पूज्य माता-पिता जी की मनोकामना पूरी हुई तथा उन्हें साई जी (शाह मस्ताना जी ) के रुप में अलौलिक पुत्र की प्राप्ति हुई ।
जिस समय साई जी ने जन्म लिया उस समय वहां उनकी बहन चतरो बाई भी उपस्थित थी ,वह बताते हैं, कि उस समय सारा घर अलौकिक प्रकाश से दमक उठा, मेरी आंखें चुंधिया गई, इतना मनमोहक प्रकाश साई के बाल स्वरूप से प्रस्फुटित हुआ ।
इस खुशी के अवसर पर गांव में मिठाइयां बांटी गई व पूज्य माताजी ने साई जी के वजन के बराबर चांदी तोलकर गरीबों में बांटी और छटी वाले दिन साईं जी के सिर के बालों के बराबर सोना तोलकर गरीबों में बांटा गया और गरीबों को अनाज वस्त्र आदि भी दान किए ।
बचपन से ही करते थे परमार्थी कार्य :–
एक बार साईं जी किसी दुकान पर गए वहां कुछ भाई राशन लेने के लिए पहले से ही खड़े हुए थे लेकिन दुकानदार ने राशन देने से मना कर दिया क्योंकि उन्होंने पहले का उधार लिए राशन का पैसा नही चुकाया था , साई जी भी राशन लेने गए थे लेकिन उन गरीब लोगों को देखकर साई जी के पास जो 1 रुपया था उन्होंने उस रुपये से राशन खरीदकर उन लोगो को भोजन खिला दिया , अब साई जी सोचने लगे कि घर मे भी राशन की जरूरत है क्या किया जाए ? खाली हाथ गए तो कहीं माता जी नाराज ना हो जाए, तो साईं जी ने एक बाग में दिन भर काम किया और उस मेहनत से जो पैसे प्राप्त हुए उसका राशन खरीद कर घर लेकर पहुँचे ।
बचपन में ही करने लगे ईश्वर की खोज :–
बचपन से ही साईं जी के दिल में सच्चे कुल मालिक को पाने की तड़प थी, साईं जी एक पंडित जी जो सत्यनारायण भगवान की पूजा करते थे उनके पास बैठकर रोजाना पूजा अर्चना करते थे तो एक दिन पंडित जी बोले कि भगवान की भक्ति करने से हर मनोकामना पूरी होती हैं और उनसे प्रभावित होकर साईं जी ने भगवान सत्यनारायण जी का एक छोटा सा मंदिर बनवाया और उसमें भगवान सत्यनारायण जी की सोने की मूर्ति बनवाकर रखवा दी, तब साई जी की उम्र दस- ग्यारह वर्ष ही थी और साई जी दिन रात भक्ति में लीन रहने लगे, साई जी के चर्चे चारो ओर होने लगे कि एक बच्चा है जो दिन रात भक्ति में लीन रहता है जिसे नींद ही नही आती और साई जी हमेशा सबका भला मांगते थे, वहां जो आता साई जी के आशिर्वाद से उनकी हर मुराद पूरी हो जाती ।
साईं जी अपने मन में सोच विचार करने लगे कि सत्यनारायण जी की करामते व शक्तियां तो बहुत मिल गए पर सत्यनारायण साक्षात क्यों नहीं आए सत्य का नारायण क्या है ? वह कहां रहता है बस उसी की तलाश में साई जी घण्टो अकेले बैठे रहते हैं और कई बार सोचते सोचते जंगलों में दूर निकल जाते थे ।
भगवान को देखने की तड़प इतनी ज्यादा प्रबल हो गयी थी कि साईं जी हर जगह पर जो भी कोई थोड़ा बहुत भगवान का भक्त मिलता तो उससे कहते कि हमें तो कुल मालिक के दर्शन करने हैं, पर ज्यादातर लोग कहते रिद्धि सिद्धि सीखनी है तो सीख लो, खूब सिखा देंगे लेकिन प्रभु को मिलना यह सम्भव नही है।
सच्चे सतगुरु की तलाश एवं मिलाप :-
सच्चे सतगुरु पूर्ण मुर्शिद की शरण के बिना पूज्य मस्ताना जी महाराज कहां शांत बैठने वाले थे ,साईं जी ने सच्चे सतगुरु की तलाश शुरू कर दी ।
एक दिन आप जी मंदिर में सत्यनारायण जी की मूर्ति की सेवा में बैठे थे ,अचानक वहां एक फकीर आया फकीर ने सफेद पोशाक पहनी हुई थी , उनका नूरी चेहरा देखकर साई जी हैरान रह गए , वे साई जी के साथ प्रभु की सच्ची भक्ति की बातें करते रहे , उसी दौरान उन्होंने बताया कि पूरे गुरु की तलाश करो पूरे सतगुरु के बिना मोक्ष प्राप्त नहीं होता, उन्होंने आगे बताया कि इस विधि से ईश्वर कभी नहीं मिल सकता, यदि आप अपने सत्यनारायण भगवान को प्रत्यक्ष रुप में देखना चाहते हैं तो किसी ऐसे गुरु की तलाश करो जिसने स्वयं उसे प्रकट कर लिया हो ,फकीर के वचन सुनकर साई जी ने कुछ देर और बैठने को कहा तथा उनके लिए दूध आदि लेने के लिए घर चल पड़े, जाते-जाते मन में ख्याल आया कि यह फकीर कहीं चोर ना हो कहीं सत्यनारायण जी की मूर्ति को ही ना चुरा ले, इस कारण साईं जी ने मंदिर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जब वापस आकर साई जी ने दरवाजा खोला तो यह देखकर हैरान हो गए कि वहा कोई नहीं था सोने की मूर्ति भी वही थी, साई जी फकीर के बारे में सोचने लगे कि वह कौन था वह कहां से आया था और किस मार्ग से निकल गया जबकि दरवाजा बाहर से बंद था व उस दिन से साई जी की ईस्वर प्राप्ति की तड़प और बढ़ गयी ।
साईं जी की तड़प इतनी ज्यादा गहरी थी कि ढूंढते ढूंढते साईं जी ब्यास चले गए और वहां पर जब उन्होंने बाबा सावण शाह जी ( साई मस्ताना जी महाराज के अति पूजनीय गरुजी)के दर्शन किए तो तृप्त हो गए, और कहा कि आप वही हो जो सत्यनारायण जी मंदिर आए थे और अचानक गायब हो गए थे, साईं जी की खोज पूरी हो चुकी थी और साई जी ” बाबा सावन सिंह जी महाराज” को कहने लगे की आप ही मुझे यहा तक लाए हो ,आप मुझे सच्चा नाम बख्श दीजिए व मुझे अपनी शरण में ले लीजिए ।
गुरुमंत्र की प्राप्ति :-
पूज्य बेपरवाह Mastana Ji Maharaj ने अपने प्यारे मुर्शिद के वचनों पर फूल चढ़ाते हुए स्वयं को पूर्ण रूप से अपने सतगुरु के प्रति समर्पित कर दिया ,पूज्य बाबा सावन सिंह जी महाराज ने इस पर खुश होकर “पवित्र नाम की दात बख्शते हुए” रूहानी वचन फरमाए ” तुझे अपनी दया मेहर देते हैं जो तेरा सारा काम करेगी” तुझे कहीं भी रुकावट नहीं होगी ।
बागड़ का बादशाह बनाया :-
साई जी का अपने मुर्शिद सतगुरु Baba Savan Singh Ji Maharaj से बेहद प्रेम था और वो हमेशा अपने मुर्शिद का गुणगान गाया करते, ब्यास में उस समय सभी लोग समाधि लगाकर बिना किसी को बुलाये चुपचाप भक्ति में लीन रहते लेकिन साईं जी का अंदाज निराला था, साईं जी जब भी सावन शाह जी को देखते तो नाचने लगते इतना नाचते कि लोग देखते रह जाते और सावन शाह जी को देखकर साईं जी बोलते “धन धन सावण शाह, तेरा ही आसरा” साईं जी की मस्ती को देखते हुए सावण शाह जी ने साईं जी को अपने पास बुलाया और कहा कि भाई यहां पर सब लोग कुछ और नारा बोलते हैं, साईं मस्ताना जी महाराज ने अत्यंत पवित्र दिल से सावण शाह जी को बोले कि हमने तो आपको ही देखा है, हमारे लिए तो आप ही भगवान हो, आपको देखकर ही हमारी रूह खिली है, इसलिए हम तो ऐसे ही बोलेंगे “धन धन सावण शाह तेरा ही आसरा”। तो सावण शाह जी ने फरमाया की आप गुणगान ही गाते हो तो उस सतगुरु (अल्लाह , वाहेगुरु, गॉड,) के गाओ , ‘सतगुरु ‘सर्व धर्म का सांझा शब्द है और साई जी ने तब से ‘धन धन सावन साई निरंकार तेरा ही आसरा’ की जगह , “धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा” का नारा दिया और साई मस्ताना जी महाराज ने ये नारा कबूल किया और तब से ही धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा नारा बोला जाता है । जब भी बाबा सावन सिंह जी साईं मस्ताना जी को देखते तो बड़े खुश हो जाते । साईं जी को हर समय नाचता देखकर सावन शाह जी ने वचन किये वाह मस्ताना वाह। उस दिन साई जी का नाम खेमामल से मस्ताना हो गया और बाबा सावन सिंह जी ने वचन फरमाए जा मस्ताना हम तुम्हे बागड़ का बादशाह बनाते है वहाँ जाकर रूहों का उद्धार करना और बख्शिशे प्रदान की |
“धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा” का नारा पूज्य बेपरवाह जी ने अपने मुर्शीदे कामिल से मंजूर करवाया
सिर्फ नारा ही नहीं मंजूर करवाया बल्कि सच्चा सौदा के प्रेमी जिन्होंने नाम ले रखा है और थोड़ा बहुत सिमरन भी करता है, वचनों का पूरा पक्का है हर वचन मानता है उससे ना तो अंदर से कोई कमी रहेगी और ना ही बाहर |
वचनों व सुमिरन के पक्के प्रेमी को कभी भी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा |
बाबा सावन सिंह महाराज ने फरमाया जा मस्ताना तेरा ये मंजूर
डेरा सच्चा सौदा की स्थापना :- पूज्य बाबा सावन सिंह जी महाराज ने 2 अप्रैल 1948 को अपनी नूर देह का त्याग किया और वो रूहानी ताकत शाह मस्ताना जी महाराज के रूप में जीवों का उद्धार करने का अति पुनीत कार्य करने लगी ,पूज्य बेपरवाह Mastana Ji Maharaj ने पूज्य बाबा सावन सिंह जी के चोला (शरीर)बदलने के बाद सन 1948 में Dera Sacha Sauda की स्थापना की हरियाणा के सिरसा शहर में किया, जिसके वचन पहले ही हो गए थे ।
नामदान की बख्शिश करना बेपरवाह परम पुज्य Mastana Ji Maharaj की उपमा का यश दूर दूर तक फैलने लगा और साईं जी लोगों को हीरे मोती कपड़े आधी बांट कर अप्रैल 1949 से रूहों को नामदान देने लगे ।
साई मस्ताना जी महाराज ने नाम दान देकर लोगों को मोक्ष मुक्ति का व प्रभु प्राप्ति का सच्चा मार्ग दिखाया ।
बेपरवाह साई शाह मस्ताना जी की शिक्षा
Dera Sacha Sauda एक ऐसी संस्था है जहाँ सभी धर्मों का आदर सत्कार करना सिखाया जाता है व किया जाता है यहाँ सभी धर्म, मजहब, जात के लोग आते है ।
बेपरवाह साई मस्ताना जी महाराज ने लोगों को इंसानियत का पाठ पढ़ाया ।
सब जीवों से निस्वार्थ प्रेम करना सिखाया ।
तीन वचनों पर चलने की प्रेरणा दी :-
शराब नही पीना।
मांस अंडों का सेवन नही करना |
3.पति पत्नी का रिश्ता जायज है पति पत्नी के अलावा उम्र में बड़ा हो तो माँ बाप के समान, बराबर के तो बहन भाई के समान और छोटों को बच्चों के समान मानना अर्थात रिश्तों के प्रति वफादार रहना।
उत्तराधिकारी की घोषणा :-
पूजनीय बेपरवाह साई शाह मस्ताना जी महाराज Dera Sacha Sauda की पहली पातशाही थे, साई शाह मस्ताना जी ने 12 वर्ष सतगुरु रूप में सेवा की व सन 1960 में पूज्य गुरु Shah Satnam Singh Ji Maharaj को गुरुगद्दी सौंप ज्योति जोत समा गए, साई शाह मस्ताना जी ने Dera Sacha Sauda रूपी जो बाग लगाया जिसका 6 करोड़ से भी ज्यादा लोग उस बाग का हिस्सा बन चुके है और अपनी बुराइयों को त्याग खुशहाल जीवन जी रहे है।
साई शाह मस्ताना जी महाराज एक महान शख्सियत साईं जी एक महान ईश्वरीय अवतार स्वरूप थे, जिस प्रकार ईश्वर के गुणों का वर्णन नहीं किया जा सकता उसी प्रकार साईं जी के करिश्मे ब्यान नहीं किए जा सकते उनके गुणों को शब्दों में व्यक्त करना तो मात्र सूर्य को दीपक दिखाने के समान है , साईं जी ने हजारों व्यक्तियों को नाम दीक्षा देकर इस भवसागर से पार उतारने का रास्ता दिखाया |
जिस तरह हम रोजाना शरीर की सफाई करते हैं उसी तरह अपने घर व वातावरण को स्वच्छ बनाए रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि हमारे धर्मो में बताया गया है कि यदि हमारा वातावरण स्वच्छ व शुद्ध होता है तो वातावरण से मिलने वाली ऊर्जा भी सकारात्मक हो जाती है जिससे मन में अच्छे विचार उत्पन्न होते है लेकिन यदि हमारे आसपास गंदगी व वातावरण दूषित हो तो माहौल में नेगेटिविटी ऊर्जा का संचार होता है जिससे मन अशांत रहता है और तनाव व अन्य शारीरिक बीमारियां पैदा होती है।
भारत को स्वच्थ रखने में कैसे करे योगदान :-
जब भी आप बस, ट्रेन या किसी भी वाहन में सफर करते हैं तो बस के अंदर या खिड़की के बाहर केले व अन्य खाने की चीजों के छिलके ना फेंके क्योंकि आप बाहर कचरा फेंकते हैं तो गंदगी होगी और कोई पीछे आ रहा बाइक सवार व्यक्ति उस पर गिर सकता है और उसकी जान भी जा सकती है। Dera Sacha Sauda के प्रमुख पूज्य गुरु Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan फ़रमाते है कि यदि आप travel करते समय कुछ खाते या पीते हैं तो उस कचरे को एक पॉलिथीन में रख लें और बाद में किसी Dustbin में डाल दें।
अपने अंत्यकर्ण को भी रखे साफ :-
अपने आस पास का वातावरण साफ रखें, इससे Meditation में भी ध्यान ज्यादा लगेगा, जिससे मानसिक व शारीरिक दोनों तरह से आप स्वस्थ रहेंगे।
डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियों से कैसे बचें :-
आज जिस तरह पूरे विश्व में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी महामारिया फैलती जा रही है तो सफाई रखना बहुत ही आवश्यक हो गया है क्योंकि गंदगी में ही कीटाणु, वायरस, कवक जैसे जीव पैदा होते हैं और गंदगी में इनके फैलने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए अपने आसपास सफाई का पूरा ध्यान रखें। सफाई रखने से सांस संबंधी व त्वचा संबंधी बीमारियों से निजात मिलती है यदि साफ-सफाई रखते हैं तो बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं और उनसे होने वाली बीमारियां जैसे सांस संबंधी,त्वचा संबंधी, फेफड़ों, मानसिक बीमारी, किडनी आदि रोगो से भी आप बच सकते हैं।
बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये स्वास्थ्य टिप्स :-
अगर आप खुद को बीमारियों के इन्फेक्शन से बचाना चाहते है टी अपनी भी साफ सफाई जरूर रखें
बार बार अपने हाथों को धोते रहें। इसके लिए सबसे पहले अपने हाथों पर साबुन या हैंडवॉश लगाकर अच्छी तरह रगड़े फिर अपनी एक हाथ की हथेली को दूसरे हाथ के नाखूनों से रगड़े और उंगलियों को भी आपस में रगड़ कर हाथ धोएं |
अपने मुंह और आंखों पर बार बार हाथ न लगाएं |
घर से बाहर जाते समय मास्क अवश्य लगाकर निकले |
जब आप दफ्तर से या कीड़ी यात्रा से घर आते ही सब से पहले आप स्नान करें और अपने कपड़ों को डिटर्जेंट पाउडर (झाग वाले पानी) में भिगो दें, नहाने के बाद साफ कपड़े पहकर उसके बाद ही अपने परिजनों से मिलें।
इस महामारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है सैनिटाइज करना इसलिए आप रोजाना बार बार इस्तेमाल होने वाली चीजों को सैनिटाइज करें व सफाई करते रहे।
ये टिप्स पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां की द्वारा बताए गए हैं, डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई इन टिप्स को फॉलो कर रहे हैं |
सफाई अभियान लगा कर स्वच्छता के लिए किया प्रेरित :-
भारत को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई महाअभियान की शुरुआत 2011 में दिल्ली से की गई जिसमें डेरा सच्चा सौदा के 4 लाख सेवादारों ने हिस्सा लिया और पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी की पावन प्रेरणा से 2 दिन में पूरी दिल्ली को साफ कर दिया गया Dera Sacha Sauda के इन सेवादारों के जज्बे को देखकर लोग हैरान थे और दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए कि हजारों टन कूड़ा इन सेवादारों ने मात्र 2 दिन में बाहर निकाल दिया जो भी इन्हे देखता सलाम करता। पूज्य गुरू जी ने अपने शिष्यों को मानवता भलाई का ऐसा जज्बा भरा है कि इस सफाई महाअभियान में डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी, टीचर , बच्चे, बुजुर्ग, महिलाए आदि झाडू लेकर व गंदे नालों में घुसकर सफाई करते हैं और इसी तरह पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां 32 से भी ज्यादा महानगरों सफाई महाअभियान देश के बड़े-बड़े महानगरों में कर चुके हैं और “हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप” का नारा भी दिया हुआ है |
भारत स्वच्छ बनाने के लिए ले चुके है प्रण :-
हमारे देश संतो व ऋषि मुनियों की पवित्र धरती है लेकिन आज मनुष्य ने इसे गंदगी फैलाकर अशुद्ध कर दिया है जिस देश में श्री रामचंद्र, कृष्ण भगवान ने जन्म लिया उसी देश को बाहर से आने वाले लोग dirty india बोलकर इस धरा का अपमान करते हैं, पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी की पावन प्रेरणा पर चलते डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा प्रण लिया है कि हमारे इस देश को स्वच्छ बनाने में सहयोग देंगे कि कोई भी बाहर से आकर हमारे देश को Dirty India ना कहें |
निष्कर्ष :- यदि आप चाहते है कि हमें एक स्वच्छ वातावरण मिले जिसमें हम खुलकर सांस ले सकें और सुकून से जीएं तो इसके लिए हम सभी को मिलकर अपने केवल घर ही नहीं मोहल्ले, सोसायटी आदि में भी सफाई रखनी चाहिए। यदि वातावरण स्वच्छ होगा तो आप भी स्वस्थ रहेंगे।
आज का युग स्मार्ट युग है, आज कंप्यूटर, इंटरनेट जैसे उपकरण व डिवाइस हमारे जीवन का अति महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। परंतु यह कैसी विडंबना है कि एक तरफ तो हम विज्ञान के क्षेत्र में होने वाली खोजों का भरपूर लाभ उठा रहे हैं तो दूसरी ओर हम मिथकों ,रूढ़ियों,अंधविश्वासों एवं पखंडों जैसी कुरीतियों में उलझे हुए हैं।
साइंस तो लाल ग्रह,चंद्रमा पर plot बनाने जैसे अन्य ग्रहों की यात्रा करने के प्रयास में हैं, जिनमें वह बहुत हद तक सफल भी हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ शिक्षित लोग भी अंधविश्वास और पखंडों को सच मानते हैं। लोग बुरी नजर टोना भूत प्रेत जैसी कुरीतियों में उलझ कर ही रह गए हैं।
Know about various superstitions and its real facts
Superstition 1: हमारे देश में सबसे ज्यादा टोना करने पर अंधविश्वास है जैसे कि किसी के घर में खून के छींटे मिलना इसको टोने टोटके का नाम दिया जाता है।
Real fact :असलियत में टोना टोटका कुछ नहीं होता मात्र अगर घर के पास से कोई पक्षी गुजरा और उसके कहीं चोट लगी हो तो इससे भी खून के छींटे आपके घर में गिर सकते हैं।
Superstition 2: यह माना जाता है कि अगर बिल्ली रास्ता काट जाए तो अशुभ होता है।
Real fact: कोई भी पशु पक्षी जानवर आपके लिए शुभ याअशुभ नहीं होता, अगर आप किसी रास्ते से गुजर रहे हैं और बिल्ली ने भी उसी रास्ते से जाना है तो आपको देख कर अपना रास्ता थोड़ी ना बदलेगी तो यह भी मात्र हमारा अंधविश्वास है।
Superstition 3: अगर कोई काम में जाने से पहले छींक मार दे, तो उसको भी अशुभ माना जाता है।
Real fact: छीक आना कोई अशुभ संकेत नहीं है, बल्कि हमारा नाक जब धूल धुआं या तेज गंध के संपर्क में आए तो हमारे भीतर की म्यूकस झिल्ली उत्तेजित हो जाती है, जिसकी वजह से हमें छींक आती है।
Superstition 4: भगवान को खुश करने के लिए पशु बलि दी जाती है।
Real fact : पशु बलि सिर्फ और सिर्फ एक मानव निर्मित मिथक है,ईश्वर कभी किसी निर्दोष की मृत्यु के बलिदान से खुश नहीं होता। जानवरों को भी दर्द होता है तो पशु बलि भी मात्र एक अंधविश्वास है।पशु बलि करने से कभी ईश्वर खुश नहीं होता और ना ही प्रभु की कृपा पाई जा सकती है, पशुओं की बलि नहीं बल्कि उनके तरफ दया भरा व्यवहार और पशु पक्षियों को खाना और पानी देकर आप प्रभु की असीम कृपा को पा सकते हो l
Saint Dr.Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan awared millions about the above superstitions facts and reality
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख महान समाज सुधारक संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा जी ने देश के अलग अलग स्टेट, जिले में सत्संग लगाकर करोड़ों लोगों को इस बात से अवगत कराया कि यह अंधविश्वास मात्र हमारे जीवन में एक रुकावट है, इसकी कोई मान्यता नहीं है और करोड़ो लोगों को ईश्वर की सच्ची भक्ति करने का सही रास्ता दिखाया और गुरुमंत्र देकर भगवान से जोड़ा l गुरु जी ने समझाया हमें अन्धविश्वास त्याग अपने धर्मो की शिक्षा को अपनाना चाहिए और सफलता पाने के लिए किसी पाखंड में ना पढ़कर प्रभु भक्ति और मेहनत करनी चाहिए, तो ईश्वर आपको सफलता जरूर देंगे l
Everday is good to start work -No day comes with bad fortune -Saint Dr.MSG
संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा जी ने लोगों को बहुत से अंधविश्वासों से दूर किया, जैसे कि उन्होंने लोगों को कि लोगों में दिन को लेकर बहुत सी धारणाएं हैं, किसी जगह पर मंगल को शुभ तो किसी जगह इसे अशुभ माना जाता है किसी जगह बुध को शुभ और किसी जगह इसे अशुभ माना जाता है इसलिए हमारे अलग-अलग जगहों में किसी ना किसी दिन को शुभ और किसी को अशुभ माना जाता है तो उन्होंने समझाया कि इससे तो हम सभी दिनों को अशुभ मानकर काम छोड़ देंगे तो कभी कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने इस बात से अवगत कराया कि ईश्वर ने सिर्फ दिन और रात बनाए हैं, जिसमें कोई भी बुरा और अच्छा नहीं, यह दिन तारीख हम इंसानों की बनाई गई है, इससे कोई दिन बुरा नहीं होता।
Shun Superstition, Do Meditation
Saint Dr MSG ने सत्संगो के माध्यम से समझाया, अगर आप रोज मेथड ऑफ मैडिटेशन का जाप करोगे तो आपका आत्मबल बढ़ेगा और आपके मन को शांति मिलेगी जिससे आप इस कुरीति से बहुत ही जल्द बाहर आ पाओगे,इसके साथ-साथ मेथड ऑफ मैडिटेशन के अनेकों फायदे हैंl इसका जाप करने से आप बड़ी से बड़ी घातक बीमारियों से छुटकारा पा सकते हो और साथ ही साथ आप हर एक क्षेत्र में उन्नति करोगे l इसके जाप से आपकी इच्छा शक्ति बढ़ेगी और आपको अंदर से खुशी का अनुभव होगा इत्यादि l
मेथड ऑफ मेडिटेशन के बारे में भी समझाया कि अपने जीवन में मेथड ऑफ मैडिटेशन को लगातार अपनाओ इससे आप प्रभु के नजदीक जाओगे और अंधविश्वासों से भी छुटकारा पा सकोगे।
Conclusion : विज्ञान के युग में अंधविश्वास पर यकीन करने के बजाय कड़ी मेहनत और भगवान की भक्ति करें, तो जल्दी सफलता मिलेगी l आईए हम सभी मिलकर अंधविश्वास और पाखंड जैसी कुरीतियों से खुद को अपने परिवार को और अपने समाज को बचाएँ।
रक्त को किसी लैब में बनाया नहीं जा सकता। रक्तदान ऐसा दान है जो किसी मरते इंसान को नई जिंदगी दे सकता है।
ब्लड डोनेशन की शुरूआत कब और कैसे हुई रक्तदान की शुरूआत 1942 में कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुई।4 अगस्त 1942 को रक्तदान की शुरूआत तो हो गई लेकिन स्वेच्छा से रक्त देने वालों का आंकड़ा अब भी कम था। कई लोगों ने विभिन्न प्रयास किए परन्तु स्वेच्छा से रक्तदान करने वालो की आज भी कमी खत्म नहीं हुई। 20 साल तक कोशिश करते रहने के बाद 1962 में पश्चिम बंगाल में राज्य स्तरीय विधार्थी व शिक्षकों के द्वारा 301 यूनिट रक्तदान किया गया जो भारत का पहला राष्ट्रीय रिकार्ड बना। इसके बाद कुछ अंतर से यह रिकॉर्ड टूटता गया लेकिन स्वैच्छिक रक्तदाताओं की आज भी कमी थी। इसलिए लोगो ने ब्लड बेचना शुरू कर दिया जिससे संक्रमित बीमारियां जैसे एड्स,हैपिटाइटिज बढ़ने लगी और अज्ञानता के अभाव में जीवन देने वाला रक्त लोगों की मौत का कारण बनने लगा। तब 1990 में ब्लड चढ़ाने से पहले रक्त की जांच व कुछ टेस्ट अनिवार्य कर दिए गए।
How to become a great personality in this world :-
यह जिंदगी भगवान का दिया हुआ अनमोल उपहार (तोहफा) है, इसे संभाल कर रखना और इसमें अपना नेक कार्यों में नाम रोशन करना हमारा एक मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
जरूरी नही कि फिल्मी जगत या कलाकार बनाकर ही हम दुनिया में एक पहचान बना सकते है। हम किसी की जिंदगी बचाकर भी एक एक्टर एक्ट्रेस बन सकते हैं। हम किसी एक्सीडेंट हुए इंसान को हॉस्पिटल पहुंचाकर उसकी जान बचाकर भी हीरो बन सकते हैं।
Become a real hero by donating blood :-
एक्टर एक्ट्रेस तो केवल पर्दे पर नकली एक्टिंग करके( हमारा मनोरंजन करने के लिए) और रुपये पैसे कमाने के लिए ये सब करते हैं। लेकिन यहां जो आपको बताने जा रहे हैं इस कार्य को करके आप नकली नही असली हीरो बनेंगे। और इस नेक कार्य से आप दुनिया को तो प्रभावित करेंगे ही करेंगे, बल्कि उस भगवान को भी बहुत जल्दी खुश कर सकते हैं। जरा सोचिए अगर इस दुनिया को बनाने वाला राजा ही हम पर खुश हो जाये तो फिर हमें किस चीज की कमी रहेगी, कोई भी कमी नही रहेगी।
ब्लड डोनेशन ( रक्तदान) से जुड़े कुछ रोचक पहलुओं की :-
Its all about blood donation :-
एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 10 यूनिट यानि 5 से 6 लीटर रक्त होता हैं।
जब हम रक्तदान करते हैं तो केवल 1 यूनिट रक्त ही लिया जाता है।
हर 3 महीने बाद खूनदान कर सकते हैं। इसके अन्तर्गत blood donater (रक्त दाता) का वजन, प्लस रेट, ब्लड प्रेशर, इत्यादि चीजों के सामान्य पाए जाने पर ही डॉक्टर्स रक्त लेते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करने में किसी भी परेशानी का सामना नही करना पड़ता, रक्तदान की प्रक्रिया एकदम सरल है।
हर स्वस्थ व्यक्ति जो 18 वर्ष से ऊपर व 60 वर्ष से कम आयु का है ,स्वेच्छा से अपना रक्तदान कर सकता है। Donate blood save lives
जैसा कि हम सभी इस बात से विदित है कि रक्तदान महादान है। रक्त (blood) एक ऐसी चीज है जिसे करोड़ों रुपये लगाकर भी बनाया नही जा सकता, इसे केवल donate (दान) किया जा सकता है। ऐसे महायज्ञ में शामिल होना इस selfish era (स्वार्थी युग) में कोई छोटी मोटी बात नही।
Benefits of blood donation :-
जब भी हम रक्तदान करते हैं तो बनने वाला नया खून पहले से भी बढ़िया स्फूर्ति ताज़गी लेकर आता है।
खूनदान करते ही बहुत से रोग, बीमारियां हट जाती हैं
नर सेवा, नारायण सेवा मानी जाती है, किसी की जिंदगी बचाने से बड़ा पुण्य कोई हो नही सकता। खूनदान करने से जो दुआएं कमाई जाती हैं वो अनमोल होती हैं पैसा तो हर कोई कमा लेता है, लेकिन दुआऐं कमाना अपने आपमे बेमिसाल है।
Crores of volunteers are real heroes :-
हमारे देश भारत में एक ऐसी संस्था ( organization) है जिसके द्वारा आज तक लाखों यूनिट रक्तदान हो चुका है और निरंतर दिनों दिन इसकी संख्या बढ़ती जा रही है विदेशों में भी इस संस्था से जुड़े लोग निरंतर खूनदान कर रहे हैं और भारत का नाम रोशन कर रहे हैं इस संस्था में सभी लोग अपनी इच्छा से रक्तदान करते हैं, इस selfish era (स्वार्थी युग) में अपना खूनदान देने के लिए भी लोग लाइनों में लगे रहते हैं और खूनदान करके आने आप को बेहद भाग्यशाली बताते हैं इस संस्था के नाम blood donation के क्षेत्र में 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (guinese world ), 1 एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड एंव 1 लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड भी दर्ज है जो कि अत्यंत गर्व की बात है इस संस्था का नाम है , पूज्य संत Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji insan के दिशा निर्देश और प्रेरणा से करोड़ों गुरु जी के अनुयाई नियमित रूप से हर जरूरतमंद को बड़ी ही खुशी खुशी अपना खून दान करते है। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स सिरसा स्थित “पूज्य बापू नंबरदार मग्घर सिंह जी international ब्लड बैंक” बना हुआ है , वहां पर भी लाखों यूनिट रक्त दान किया जाता है और हर संकट की घड़ी में जैसे समाज का चौथा स्तंभ (मीडिया), Army (जल सेना, थल सेना, वायु सेना)जो कि सरहदों पर हमारी रक्षा करते हैं, गरीब जरूरतमंद इत्यादि के लिए बिल्कुल मुफ्त में हर समय 24*7 रक्त उपलब्ध रहता है। यह सब पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी की पावन प्रेरणा से ही चल रहा है।
People are celebrating their important days with blood donatio :-
शादी की सालगिरह, जन्मदिन, त्यौहार यहां तक कि अपनी शादी के दिन couple अपना खूनदान करके खुशियों में चार चांद लगाते हैं, मतलब किसी की जिंदगी बचाकर मनाते हैं, वाह…… कितना बढ़िया तरीका है, हर कोई व्यक्ति ऐसे अपनी खुशी मन सकता है और बदले में बेइंतहा खुशियों का हकदार बन सकता है और ये पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी प्रेरणा से सम्भव है |
Blood donation camps :-
डेरा सच्चा सौदा संस्था की तरफ से ब्लड डोनेशन कैम्प लगाए जाते हैं, जिसमें डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई अपना रक्त दान करते हैं और इन रक्तदान शिविरों से हर जरूरतमंद ,लाचार, एक्सीडेंटल लोगों तक रक्त पहुंचाकर उनकी जान बचाई जाती है।
True blood pumps :-
पेट्रोल पंप तो रस्ते में हर जगह मिल ही जाते हैं, लेकिन क्या ऐसे भी पंप हैं जहां से खून मिलता हो, वो भी बिल्कुल मुफ्त। जी हां हैं- पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी ने नियमित रूप से खूनदान करने वालों को “चलते फिरते ट्रू ब्लड पंप” के नाम से नवाजा है।
Conclusion
अगर हमारे खूनदान करने से किसी की जिंदगी बचती है, किसी का अपना प्यारा बचता है तो हमें बड़ी खुशी खुशी इस महायज्ञ का हिस्सा जरूर बनना चाहिए।
महिलाओं पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिये प्रतिवर्ष 25 नवंबर को पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस मनाया जाता है।
विश्व के संदर्भ में कुछ मुख्य बिंदु
वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिये यूनाइट अभियान चलाया गया।
इस वर्ष की थीम “ऑरेंज द वर्ल्ड” रखी गई हैं l
संयुक्त राष्ट्र महिला ( United Nation’s Women) द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, विश्व भर में लगभग 15 मिलियन किशोर लडकियाँ (15-19 आयु वर्ग) अपने जीवन में कभी-न-कभी यौन उत्पीड़न का शिकार होती हैं।
इसके अलावा 3 बिलियन महिलाएँ वैवाहिक बलात्कार (Marital Rape) की शिकार होती हैं।
आँकड़ों के अनुसार, करीब 33% महिलाओं व लड़कियों को शारीरिक और यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है।
हिंसा की शिकार 50% से अधिक महिलाओं की हत्या उनके परिजनों द्वारा ही की जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, विश्व भर में लगभग 650 मिलियन महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ है।
WHO की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 3 में से 1 महिला किसी न किसी प्रकार की शारीरिक हिंसा का शिकार होती है।
भारत के संदर्भ में:-
हाल ही में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record Bureau) द्वारा राष्ट्रीय अपराध 2017 रिपोर्ट जारी की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुल 3,59,849 मामले दर्ज़ किये गए।
इस सूची में सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किये गए, इसके बाद क्रमशः महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुल मामलों में 27.9% मामले पति या परिजनों द्वारा किये गए उत्पीड़न के अंतर्गत दर्ज़ किये गए।
इसके अलावा अपमान के उद्देश्य से किये हमले (21.7%), अपहरण (20.5%) और बलात्कार (7%) के मामले सामने आए।
समाज मे नारी का महत्व
हमारी भारतीय संस्कृति में नारी का बहुत महत्व है उन्हें एक अलग ही स्थान दिया जाता है यहां तक कि भारतीय वेदों में भी इनका वर्णन किया गया है कि ईश्वर भी नारी के बिना अधूरा होता है उससे नारी के बिना पूर्ण नहीं समझा जाता इसलिए हम सभी का फर्ज बनता है कि हम भी नारी का सम्मान करें और उनके महत्व को समझें |
महिलाओं पर हो रहे अत्याचार :-
हमारे समाज में आज के समय में भी महिलाओं पर बहुत से अत्याचार हो रहे हैं घरेलू हिंसा हो या प्रताड़ना हर तरफ से महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है अगर कोई महिला इसके खिलाफ आवाज उठाती है तो उस पर भी ध्यान नहीं दिया जाता ज्यादातर महिलाओं को बाहर आने-जाने पर रोक लगाई जाती है जो कि सरासर गलत है अगर वह किसी से बात भी कर ले तो उसे गलत नजरों से देखा जाता है, अगर कोई महिला घर से बाहर भी जाती है तो 100 सवाल खड़े कर दिए जाते हैं कहां गई थी किस से पूछ कर गई थी किसने बोला था जाने को और ज्यादातर महिलाओं को तो घर की चारदीवारी में ही कैद करके रखा जाता है |
समाज में हो रहे अत्याचार रोकने के लिए की गई पहल :-
महिलाओं को भी जीने का पूरा हक है और इसके लिए उन्होंने कई मुहिम चलाई गई हैं जिससे महिलाएं भी पुरुषों के बराबर का हक पा सके, पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा ने कई मुहिम चलाई है |
बाल विवाह रोकें :-
बच्चों की कम उम्र में शादी नहीं करनी चाहिए बाल विवाह पर रोकथाम लगाने चाहिए छोटी उम्र में ही बच्चे की शादी कर देते हैं और सारी जिम्मेदारी ही उन पर आ जाती है जबकि वह उम्र तो उनकी पढ़ने लिखने व खेलने की होती है छोटी उम्र में ही शादी कर देने से मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य सही नहीं रहता इससे मानसिक व शारीरिक संतुलन बिगड़ सकता है इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि लड़का हो या लड़की किसी की भी कम उम्र में शादी नहीं करनी चाहिए सरकार ने भी लड़कियों की आयु 18 व लड़कों की आयु 21 वर्ष निर्धारित की है उससे पहले लड़के व लड़कियों को अच्छी शिक्षा संस्कार व मान सम्मान देना चाहिए और उन्हें इस काबिल बनाना चाहिए कि जिंदगी में आने वाली चुनौतियों का वह डटकर सामना कर सके |
कन्या भ्रूण हत्या :-
बेटियों को कोख में ना मरवाए बेटियां कभी किसी पर बोझ नही होती पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां फ़रमाते है कि अगर किसी के पास ज्यादा बेटियां है तो उन बेटियों को मारें न बल्कि डेरा सच्चा सौदा में दे जाए हम उनकी परवरिश करेंगे उन्हें उच्च दर्जे की पढ़ाई करवाएंगे पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां जी की प्रेरणा पर चलते हुए Dera Sacha Sauda के करोड़ों अनुयायियों ने बेटी को नहीं मरवाने का लिखित में प्रण लिया हुआ है |
शाही बेटियां बसेरा :-
जिनको कोख में मरवा देना था या फिर नवजात मिली हुई बच्चियां हैं जिन्हें पूज्य गुरु जी ने पूरी कानूनी प्रकिर्या से गोद लिया और इन बेटियों को शाही बेटियां का नाम दिया है इतना ही नहीं गुरु जी ने इन्हें माँ बाप की जगह अपना नाम दिया है और उनके लिए शाही बेटियां बसेरा भी बनाया जिसमे यह बेटियां रहती है, यह बच्चे पूज्य गुरु Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan जी को अपना माता-पिता मानते हैं गुरु जी इनका पालन पोषण करते हैं यह लड़कियां इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हैं और मेरिट में आकर गुरुजी का वह देश का नाम रोशन कर रही हैं |
आत्मरक्षा प्रशिक्षण :-
डेरा सच्चा सौदा द्वारा बेटियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं यहां पर बेटियों को Self Defence की training दी जाती है तांकि वह कभी भी कहीं भी अकेली बाहर जाती है तो वह हर चुनौती का डटकर सामना कर सके बेटियों को आत्मनिर्भर बनाया जाता है आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाएं यह भी सिखाया जाता है साथ ही अगर कोई उन पर बुरी नजर डाले तो उन्हें कैसे सबक सिखाना है यह सारा प्रशिक्षण बेटियों को दिया जाता है गुरु जी फरमाते हैं कि बेटियों को अबला नहीं बल्कि सबला बनाओ ताकि वह हर कठिनाई का मुंह तोड़ कर जवाब दे सके |
कुल का क्राउन :-
जिनके परिवार में एक ही बेटी है उस बेटी को फिक्र रहती है कि उसकी शादी के बाद उसके मां-बाप की देखभाल कौन करेगा इसके लिए पूज्य गुरु Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan ने एक मुहिम चलाई है कुल का क्राउन इस मुहिम के अंतर्गत जिनके एक ही बेटी होती है वह बेटी बारात लेकर जाती है और दूल्हे को ब्याह कर अपने घर ले आती है वह लड़के की तरह ही बरात लेकर जाती है इस मुहिम से बहुत सी शादियां हो चुकी हैं जिसमें बेटियां बरात लेकर गई हैं और लड़कों को ब्याह कर अपने घर लाई हैं |
बेटा बेटी को दें एक समान दर्जा :-
आज के समय में बेटियां भी बेटों से कम नहीं है बेटियों को भी बेटों के बराबर का हक देना चाहिए उनमें किसी भी चीज को लेकर भेदभाव नहीं करना चाहिए लड़कियों को भी लड़कों के समान शिक्षा पाने का हक है यह नहीं सोचना चाहिए कि लड़की है तो उसे घर का कामकाज सिखा कर शादी कर दें बल्कि आज के समय में तो बेटियां भी बेटों की तरह देश का व अपने मां-बाप का नाम रोशन कर रही है इसलिए उनमें भेदभाव नहीं करना चाहिए और अपने बेटों के समान ही शिक्षा प्यार व सम्मान देना चाहिए पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां फ़रमाते है कि अगर लड़की को अच्छे संस्कार दिए जाए अच्छी परवरिश की जाए तो बेटी भी अपने माता-पिता व देश का नाम रोशन कर सकती है |
निष्कर्ष :-
महिलाओं को भी जीने का पूरा हक है यह तो हर कोई बोलता है लेकिन इस बात पर कोई सजग नहीं रहता लेकिन महिलाओं को वास्तव में जीने का पूरा हक होता है और इसके लिए इसकी शुरुआत हमें अपने घर से करनी चाहिए महिलाओं को पूरी इज्जत वह मान सम्मान देना चाहिए ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस करें और उन पर कोई भी जुल्म ना करें अगर आपके समाज में कोई उन पर जुल्म करता है तो उसको रोके और महिलाओं को उनके अधिकार व कानून के बारे में बताएं
हमारे सभी धर्मों में लिखा है कि इस सृष्टि में जितने भी जीव जंतु है वह सभी परमात्मा की औलाद है और जब हम उस परमात्मा की औलाद का भला करते हैं तो वह परमात्मा हमारी मदद जरूर करता है।
हर इंसान की मूलभूत आवश्यकता है रोटी कपड़ा और मकान बहुत से लोग ऐसे है जिनके पास यह भी नहीं है
रोटी कपड़ा और मकान तीन चीजें ऐसी है जो हर इंसान के लिए बहुत जरूरी है , भूख मिटाने के लिए रोटी जरुरी हैं और तन को ढकने के लिए कपड़ा जरूरी है इसी प्रकार बाढ़ भूकंप प्राकृतिक आपदाओ आदि से खुद को सुरक्षित रखने के लिए मकान होना जरूरी है ।
लेकिन इस दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है वह सड़कों पर या कभी रैन बसेरों में ही सो कर अपना वक्त गुजारते हैं , सर्दी के मौसम में बहुत से गरीब व जरूरतमंद लोग होते हैं जिनके पास सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े नहीं होते और सर्दी से ठिठुरने के कारण उनकी मौत भी हो जाती हैं और बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती, भूख के कारण उनके बच्चे भूखे सो जाते हैं और कई बार भूख के कारण उनकी मृत्यु तक हो जाती है l
सही मायने में क्या है इंसानियत के कार्य ? जो हर व्यक्ति को करनी चाहिए आइए जानते है इनके बारे में
जरूरतमंदों को राशन दान या भोजन दान दें
भोजन हर इंसान की मूलभूत आवश्यकता है बहुत से गरीब लोग ऐसे होते हैं जिनके पास दो वक्त की रोटी नहीं होती वह खाने के लिए इधर-उधर भटकते हैं हमें उन लोगों की मदद करनी चाहिए ,उनके लिए राशन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि वह भूखे ना सोए ,पूरी दुनिया में Dera Sacha Sauda संस्था के स्वयंसेवक हमेशा इंसानियत के सभी कार्यो को बढ़-चढ़कर करते हैं और गरीबों के लिए भी समय-समय पर राशन का प्रबंध करते है।
पक्षियों के लिए दाना पानी की व्यवस्था करना
पक्षियों से हमारे पर्यावरण में रौनक होती है लेकिन आज के इंसान ने अपने स्वार्थ के लिए जंगल नष्ट कर दिए जहां से पक्षियों को भोजन प्राप्त होता था लेकिन भोजन ना मिलने के कारण व प्यास के कारण पक्षी अपने प्राण त्याग देते हैं इसलिए हमें चाहिए कि हम नियमित रूप से अपने घरों की छतों पर या आसपास के बगीचों में उनके लिए दाना व पानी की व्यवस्था करें ताकि वह जीवित रह सके और हमारा पर्यावरण संतुलन बना रहे।
बेघरों को घर बना कर देने में मदद करें
हमारे देश में कई लोग ऐसे जिनके पास अपना घर नहीं है वह बेघर है और वो सड़कों पर रहकर ही अपना समय बिताते हैं हमें उन लोगों की मदद करना चाहिए और उन्हें घर बना कर देना चाहिए ताकि बारिश और गर्मी में वह सुरक्षित रह सके , Dera Sacha Sauda के अनुयाई अपनी नेक कमाई का हिस्सा निकालकर बेघर लोगों को घर बना कर देते हैं ।
बेजुबान जानवरों के लिए चारा पानी की व्यवस्था करें
हम रोजमर्रा की जिंदगी में देखते हैं कि कई आवारा पशु होते हैं जो सड़कों पर घूमते रहते हैं और उन पशुओं से कई बार सड़क हादसे भी होते हैं हमें उन पशुओं को आवारा नहीं छोड़ना चाहिए और अगर हमारे आस पास कोई आवारा पशु है भी तो हमें उनके लिए चारा डालना चाहिए और गर्मी के मौसम में बहुत से आवारा पशु ऐसे होते हैं जिनको पानी उपलब्ध नहीं होता और वह प्यास के कारण दम तोड़ देते हैं तो हमें चाहिए कि हम अपने घरों के बाहर पानी की व्यवस्था करें ।
रक्तदान करें जिंदगियां बचाएं
रक्तदान महादान है रक्त को बनाया नहीं जा सकता बल्कि इसे तो Donate ही किया जा सकता है पूरे विश्व में ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो थैलेसीमिया बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें हर महीने रक्त की जरूरत पड़ती है समय पर रक्त ना मिलने के कारण कई बच्चों की मृत्यु हो जाती है इसके अलावा देश की सेवा करने वाले सैनिक उन्हें भी घायल होने पर रक्त की जरूरत पड़ती है और भी कई ऐसे मरीज होते हैं जिन्हें रक्त की सख्त जरूरत होती है , इसलिए डॉक्टरी परीक्षण करवा के जो रक्तदान करने के काबिल है उन्हें Blood Donate जरूर करना चाहिए Dera Sacha Sauda के स्वयंसेवक हर तीन माह में रक्तदान करते हैं और लोगों की जान बचाते हैं ।
गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करना
हर मां बाप का सपना होता है कि उनकी बेटी की शादी अच्छे घर में हो और धूमधाम से हो लेकिन कई गरीब व अति जरूरतमंद परिवार होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपनी बेटी की शादी धूमधाम से नहीं कर पाते , तो हमें चाहिए कि हम उन बेटियों की शादी में जरूरत का सामान देकर उनकी सहायता करें ताकि लड़की व उसके मां-बाप का सपना पूरा हो सके ।
मरणोपरांत आंखेंदान व शरीर दान
मरने के बाद शरीर को या तो जला दिया जाता है या दफना दिया जाता है लेकिन अगर हम मरने के बाद शरीरदान का प्रण करे तो यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए चिकित्सा अनुसंधान कार्यों में काम आएगा और आंखें दान करने से वह आंखें उन लोगों को मिलेगी जो नेत्रहीन है और वह दुनिया देख पाएंगे इसलिए हमें यह इंसानियत का कार्य भी जरूर करना चाहिए ।
Messiah Of Humanity
इंसानियत को पुनर्जीवित किया है Dera Sacha Sauda के प्रमुख Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan जी ने , जिनकी पावन शिक्षा पर चलते हुए Dera Sacha Sauda के करोड़ो स्वयंसेवक उनके द्वारा चलाए गए 134 मानवता भलाई के कार्य करते हैं , जैसे कि भोजन दान, खूनदान, कपड़े दान, घर बनाकर देना, मरणोपरांत नेत्र व् शरीर दान, जीते जी गुर्दा दान इत्यादिl डेरा स्वयंसेवकों में इंसानियत के कार्य करने का जज्बा इतना कूट कूट कर भरा है कि वह दिन- रात व अपनी जान की परवाह ना करते हुए 24/7 इंसानियत के कार्य करने के लिए तैयार रहते हैं इसके अलावा Dera Sacha Sauda के स्वयंसेवक कहीं भी आग लगने पर या बाढ़ भूकंप ,प्राकृतिक आपदा आने पर वहां तुरंत पहुंचते हैं और लोगों की सहायता करते हैं ।
अगर आपके घर के आसपास कोई भूखा है या बीमार है तो उनकी मदद करें और पक्षियों के लिए भी दाना पानी की व्यवस्था करे क्योंकि जब हम दूसरों की मदद करते हैं तो हमें आत्मिक खुशी मिलती हैं जो हमारे चेहरे पर रौनक लाती है और कभी किसी का दिल ना दुखाए बल्कि सबको खुश रखने की कोशिश करे व बेसहारा लोगो का सहारा बने ।
कोई उस प्रतिभा को पहचान लेता है तो किसी की वह प्रतिभा छुपी हुई ही रह जाती है। भगवान ने हर इंसान को एक जैसा दिमाग दिया है, उस दिमाग का इस्तेमाल करना हर इंसान के ऊपर निर्भर करता है।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनको god gifted भी कहा जाता है। मतलब बचपन से ही उनमें टैलेंट भरा होता है और वो उस क्षेत्र में बड़ा नाम कमाते हैं।किसी ना किसी क्षेत्र में कोई न कोई सम्पूर्ण तो होता ही है। पर
क्या आपने किसी ऐसे शख्स को देखा है जो सर्व कला सम्पूर्ण हो मतलब जो हर क्षेत्र में पूर्णता रखता हो, जिसने हर क्षेत्र में महारत हासिल की हो। जानते हैं उस टैलेंट से भरपूर महान शख्शियत के बारे में।
Master of All Arts
अगर बात करें उस महान शख्शियत की तो बचपन से ही उसमें टैलेंट ही टैलेंट भरा हुआ है। वह एक दार्शनिक, आविष्कारक, लेखक, वैज्ञानिक, एक एथलीट, बहुभाषी संचालक, विद्वान, संगीतकार, धर्मशास्त्री, चिकित्सक, परोपकारी,शांति कार्यकर्ता,परम मानवतावादी, कमाल के डिज़ाइनर (interior and exterior both) फोटोग्राफर, डायरेक्टर हैं। ये तो बहुत कम क्षेत्र है जो इसमें लिखे गए हैं मतलब अगर यह कहें कि हर क्षेत्र में वह शख्शियत निपुण हैं तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं।
कमाल के चिकित्सक:–
टैलेंट से भरपूर यह शख्शियत एक अदभुत उपचारक हैं। आयुर्वेदा के बहुत से tips इन्होंने बताएं हैं जिनसे बेइंतहा फायदा हो रहा है। इनके द्वारा कई आयुर्वेदिक दवाओं का विकास किया गया है, और ये सभी के लिए एक विशेषज्ञ, परामर्शदाता हैं।बहुत से ऐसे लोग जो खुद पेशे से डॉक्टर थे वो बिल्कुल झुके हुए इनके पास आये, जिनको यह लगने लगा था कि अब उनकी कमर उनका साथ नही देगी उन्हें केवल चारपाई पर पड़े रहकर ही अपनी जिंदगी बितानी होगी, जब वो इस टैलेंट से भरपूर और आत्मविश्वाश के पुंज के पास आए तो इन्होंने उन्हें कुछ ऐसे टिप्स दिए कि वो कुछ समय के बाद हो दौड़ने लगे।कैंसर जैसे लाइलाज रोग भी बिल्कुल सही हो गए इनके द्वारा दिए गये meditation के तरीके से। लोगों की रिपोर्ट्स ही बदल गयी, जिन रिपोर्ट्स पर भयंकर बीमारियां लिखी गई थी , जब इस महान शख्शियत से मिले और इनके अनुसार अपना life style बनाया तो वो रिपोर्ट्स बिल्कुल Normal आई।ऐसी बातों पर यकीन करना इतना आसान नही लगता लेकिन यह 100 प्रतिशत सच है।ऐसे लोगों के पास अपनी नई पुरानी सब रिपोर्ट्स आज भी ज्यों की त्यों मौजूद हैं। जिन्हें लगता था कि वो 10 दिन भी जी नही पाएंगे आज उन्हें 10-15 साल से भी ज्यादा समय हो गया जीते हुए और आज भी वे बिल्कुल तंदरुस्त हैं।
32 National and International Player
जिस शख्शियत की बात हो रही है वह 32 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेलों को खेलने की असाधारण दक्षता रखते हैं। खेलों में वॉली बॉल, नेट बॉल, थ्रो बॉल,कब्बडी, लोन टेनिस, क्रिकेट,फुटबॉल,बिलियर्ड्स,टेबल टेनिस, स्नूकर, योगा, शूटिंग बॉल,बास्केट बॉल, वाटर पोलो एंव अन्य कई शामिल हैं। इनकी शिक्षा और टिप्स से शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने international level पर बहुत से गोल्ड मैडल जीते हैं और ये सभी बच्चे इनसे ही टिप्स लेकर राष्ट्रीय एंव अंतराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करके गोल्ड मैडल जीत रहे हैं। ये ही इनके कोच हैं ।
संगीतकार और लेखक :– बात करें अगर संगीत की तो हर कोई बड़ा खुश हो जाता है अपना मनपसंद संगीत सुनकर। बडी ही सुरीली आवाज की मालिक है यह शख्शियत।जो कोई भी खुले मन से इनको सुनता है वो बस सुनता ही रह जाता है।बड़ा ही खिंचाव वाली आवाज है इनकी।
सार्वजनिक सामारोहों में भी इस महान हस्ती ने ऐसे करतब दिखाएं हैं जो कि बेमिसाल हैं। मिसाल के तौर पर इस multi talented personality ने एक लाइव कॉन्सर्ट में “चॉकलेट” नाम का एक Song गाया, और वो गाना भी एक ऐसी क्रेन में जो जमीन से तीस फुट ऊपर थी और घूम रही थी।ऐसी परिस्थिति में कोई भी विचलित और हतप्रभ होगा लेकिन God Gift तो फिर गॉड गिफ्ट होता है, उस व्यक्ति को कोई चैलेंज नही कर सकता।प्रतिभा धनी इस शख्शियत ने बड़े ही निराले अंदाज में दिल को छूने वाला चॉकलेट गाना गाया वो भी एक बच्चे की आवाज में।
इनके द्वारा 100 से भी ज्यादा ऐसे प्रोग्राम किये गए हैं जिनमें हर प्रोग्राम में 6-7 नए गाने गाए गए और वो भी अलग अलग संगीत और साजों के साथ, अलग ही अंदाज में।क्या कमाल का हृदय को छूने वाला संगीत पेश करते हैं ये। कमाल बेमिसाल | वो संगीत के साथ साथ बहुत अच्छे लेखक भी है खुद ही लिखते है और खुद ही गाते हैं
Universal designer जिस one man army की हम बात कर रहे हैं वे जो भी कपड़े पहनते हैं उन्हें खुद डिज़ाइन करते हैं।इन्होंने बहुत सारी buildings बनाई हैं , सब को खुद डिज़ाइन किया है। resorts, स्टेडियम, घर के interior exterior सब डिज़ाइन इन्होंने खुद डिज़ाइन किये हैं।इस शख्शियत ने एक हॉस्पिटल भी खुद डिज़ाइन किया है , जो कि heart shape का हॉस्पिटल है।अपने अंदर तीन alphabatical अक्षरों पर तीन तीन bulidings का समावेश किये हुए अत्यंत आकर्षक प्रतीत होता है।
इतनी कमाल की इंटीरियर और एक्सटीरियर डिज़ाइन देखकर दांतों तले उंगली दबाने को हर कोई मजबूर हो जाता है। आखिर कोई व्यक्ति हर क्षेत्र में इतना Perfect कैसे हो सकता है?? ऐसी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी को देखकर इस दुनिया का बड़े से बड़ा इंजीनयर उसे एकटक देखता ही रहे।
Director and hero इन्हें तीन अलग अलग क्षेत्रों में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। क्योंकि इन्होंने अपनी मूवीज को बड़े ही अलग अंदाज से बहुत रोचक बनाया है।
बहुभाषी संचालक इन्होंने कई भारतीय भाषाओं और उनकी अनेक बोलियों में महारत हासिल की हुई है। इतना ही नहीं उन बोलियों में खुद गाना लिखकर उसे गाया भी है।
Automative Engineer
इन्हें automotive design का बड़ा ही शौंक है, इन्होंने कई दुर्घटनाग्रस्त कारों को संशोधित करना शुरू किया और बड़े ही आर्कषक डिज़ाइन की कारों को डिज़ाइन किया है।
Agriculture specialist :-
ये कृषि विशेषज्ञ भी हैं। समय समय पर किसानों को आधुनिक कृषि संबंधी टिप्स गुरु जी देते रहते हैं। ये खुद खेती भी करते हैं। बिल्कुल रेगिस्तान के इलाके में आज कश्मीरी सेब, काजू, बादाम जैसी चीजें इन्होंने उत्पादित कर दिखाई हैं अपने टैलेंट से।ऐसी प्रतिकूल शुष्क परिस्थितियों में जलवायु नियंत्रित तकनीक का प्रयोग करके सर्वाधिक नकदी फसलों की खेती करना कोई आम बात नही,पर प्रतिभा के धनी व्यक्ति के लिए कोई मुश्किल भी नही।बंजर भूमि को अत्यंत उपजाऊ भूमि बना दिया इस महान हस्ती ने।
Messiah of humanity
टैलेंट से भरी इस शख्शियत ने बहुत सारे क्षेत्रों में World records कायम किये हैं। एक छोटा सा उदाहरण खूनदान के क्षेत्र में दिसंबर 2003 में इनकी प्रेरणा से लोगों द्वारा 56 प्रतिभागी ब्लड बैंकों को 15,432 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया।इस रिकॉर्ड को 10 अक्टूबर 2004 को 17,921 ब्लड डोनेट करके 2003 के record को पीछे छोड़ दिया।और 8 अगस्त 2010 को एक नया guinese world record स्थापित किया, इसमें इनके कहने पर ही लोगों ने 43,732 यूनिट रक्तदान किया।
15 अगस्त 2009 एक ही दिन में 68,73,451 पेड़ लगाए गए, यह वृक्षारोपण अभियान 8 घण्टे तक चला और विश्व रिकॉर्ड स्थापित हो गया।
Awarded with the degree of doctorate by university of World Record London :-
World record university लंदन के प्रो चांसलर (इंडिया) श्री जय कृष्ण शर्मा ने एक गोल्ड मैडल के साथ इन्हें डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की।
अपने भाषण के दौरान श्री शर्मा ने इस शख्शियत को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताया , एंव उन्होंने कहा कि इनके नाम 55 से भी ज्यादा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं, इससे प्रभावित होकर विश्व रिकॉर्ड विश्वविद्यालय लंदन ने इन्हें डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इनके नेतृत्व में आज 134 मानवता भलाई कार्य चल रहे हैं, जो कि बेमिसाल है।और आज इनकी वजह से इंसानियत के कार्यों को गति मिली है, जिसके कारण इंसानियत जिंदा है।
जिसकी हमने ऊपर बात की वो महान टैलेंट से भरपूर शख्शियत कोई और नही डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पूज्य संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सान हैं।
बचपन में 5 साल की उम्र में ही बहुत से कार्यों को करने में लग गए।5 साल की उम्र में ट्रैक्टर चला लेना और लगभग सारी जमीन को सम्भाल लेना कोई एरो गैरों का काम नही। जिस इलाके श्रीगंगानगर के श्रीगुरुसरमोडिया गांव में जहां संत डॉ गुरमीत राम रहीम जी ने अपनी पढ़ाई की और बचपन बिताया वहां का एक एक कोना ,वहां के लोग, वहां के अध्यापक सब इस बात की 100 परसेंट गवाही देते हैं, कि गुरु जी का कार्य करने का अंदाज सबसे अलग और अपने आप में बेमिसाल अतुलनीय रहा है।
पूज्य गुरु MSG के टैलेंट्स को लिखना सूरज को दीपक दिखाने के बराबर है, न ही लिखे जा सकते हैं न गाये जा सकते हैं वाकई महान शख्शियत हैं Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan।
वर्ष 2019 में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 117 देशों की सूची में 102 वें स्थान पर था,जबकि 2020 में 107 देशों की सूची में 94 वें स्थान पर रहा। 2019 में करीब 13.5 करोड़ लोग भुखमरी का शिकार हुए जबकि 2020 में यह आंकड़ा बढ़कर 27.2 करोड़ होने की संभावना है। वर्ष 2020 की अगर बात करें तो कुल 107 देशों में से केवल 13 देश भारत से भी खराब स्थिति में हैं।जिनमें रवांडा (97 वें),नाइजीरिया (98 वें),अफगानिस्तान (99 वें), लाइबेरिया (102वें), मोजाम्बिक (103वें), चाड(107 वें) इत्यादि देश शामिल हैं। भुखमरी में भारत 27.2 के स्कोर के साथ गंभीर (serious) स्थिति में है।
महामारी में भुखमरी पर प्रभाव :-
रिपोर्ट्स की अगर मानें तो वैश्विक स्तर पर 690 मिलियन लोग कुपोषित हैं। Covid- 19 के कारण गरीबी और भुखमरी पर अत्यंत बुरा प्रभाव पड़ा है।जो लोग रोजाना कमाने खाने वाले थे उनका रोजगार बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है।
लॉकडाउन से ले कर अब तक कर रहे हैं मदद :-
कोरोना महामारी के समय में Dera Sacha Sauda के volunteers ने बहुत बड़ा योगदान दिया है उन्होंने अपने शहरों, गांवों व रास्ते में पैदल जा रहे लोगों को भरपेट भोजन खिलाया और इतना ही नहीं लोगों के घर जाकर उन्हें भोजन दिया, और अभी तक भी गरीब व जरूरतमन्दों की मदद कर रहे है | बेमिसाल है इनका जज्बा जो खुद की परवाह किए बिना मानवता की सेवा कर रहे हैं।
इंसानियत के ऐसे मसीहा जिन्होंने भुखमरी को ख़त्म करने के लिए शुरू किया महाअभियान :-
हर कोई बात करके भूल जाता है, अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त हो जाता है। लेकिन हमारे देश में आज भी एक ऐसी महान शख्शियत हैं जिन्होंने इंसानियत को जिंदा करके रखा है ,उनकी ही वजह से आज लाखों लोगों को भरपेट भोजन मिल रहा है। भारत देश के हरियाणा राज्य में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पूज्य संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan ) अपनी फिल्मों एंव सत्संगों के माध्यम से लोगों को निरंतर समझा रहे हैं कि यह हमारा फर्ज है कि हम भगवान की औलाद की सेवा करें अगर हम भरपेट खा रहे हैं तो ये हमारा दायित्व बनता है कि हमारा पड़ोसी भी भूखा न सोए। अगर हर इंसान थोड़ा थोड़ा भी प्रयास करे तो इस देश में क्या पूरे विश्व में कोई भूखा न सोए।
भुखमरी को खत्म करने के लिए Saint Gurmeet Ram Rahim Singh Insan जी ने चलाई यह मुहिम
One day fast in a week
Food bank
इस मुहिम के अनुसार डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हफ्ते में एक दिन व्रत रखते हैं, एंव उस दिन के भोजन को “फूड बैंक” में इकट्ठा करते है और गरीब जरूरतमंद लोगों को उसी फ़ूड बैंक से हर महीने राशन बांटते हैं।
Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan के प्रेरणा से Dera Sacha Sauda के अनुयाईयों द्वारा गांव, तहसील, जिला सभी स्तर पर खोले हुए हैं।
धन्य है Saint MSG एंव इनके अनुयाई जो आज के स्वार्थी युग में ऐसे भले नेक कार्य कर रहे हैं।
Right method for do fast संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बताया कि व्रत वाले दिन गुनगुना पानी लेते रहे,और शाम को हल्का भोजन लें। ऐसा करने से हमारी आंतड़िया भी सुचारू रूप से कार्य करती रहती हैं और बहुत सारे रोग हमें नही लगते। इसके साथ ही व्रत वाले दिन ध्यान (meditation) करने से असीम शांति व आनंद मिलता है ,हमारी consentration क्षमता बढ़ती है जिससे दिमाग तेजी से काम करता है और तनाव से मुक्ति मिलती है।
खाने की न करें बर्बादी :-
उपरोक्त आंकड़े पढ़कर दिल बड़ा ही शर्मसार महसूस करता है।अक्सर हम देखते हैं शादी, पार्टियों में हजारों टन खाना कचरे में फेंक कर बर्बाद कर दिया जाता है वही ऐसे लोग भी हैं जो पूरा दिन मजदूरी करके एक वक्त का खाना भी मुश्किल से जुटा पाते है, जिससे बच्चो में कुपोषण की समस्या पैदा होती है। कुपोषण के कारण बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रूक जाता है, रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल कुपोषण से मरने वाले बच्चों की संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। बड़ी दयनीय स्थिति हो रही है दिनों दिन। हमारा देश भी तभी तरक्की करेगा जब यहां के बच्चे, यूथ स्वस्थ दिमाग व स्वस्थ शरीर के मालिक होंगे।
भुखमरी में कैसे दें सहयोग :-
इसके लिए शुरूआत हमें करनी होगी। अभी यह प्रण लें कि शादी,पार्टियों में जितना जरूरत है उतना ही खाना लेंगे और कभी कोई भूखा-प्यासा मिले तो उसे खाना जरूर खिलाएंगे। न जाने रेलवे स्टेशन, फुटपाथ पर कितने ही लोग भूखे सो जाते होंगे। अगर हम उन्हें खाना दे दें तो पता नही कितनी ही दुआएं हमें लगेंगी।और हमारी जिंदगी में खुशियां ही खुशियां आ जाएंगी।
Benefits of fast
व्रत रखने से हमारी श्रद्धा और यकीन तो गहरा होता ही है, इसके साथ ही यह हमारे शरीर के लिए बड़ा ही फायदेमंद साबित होता है। हमारे देश में प्राचीन समय से उपवास रखने का धार्मिक महत्व है , परन्तु इसका वैज्ञानिक महत्व ज्यादा है क्योंकि हमारे शरीर को रोजाना खाना पचाने में जो कार्य करना पड़ता है उससे शरीर थक जाता है।उपवास रखने से शरीर की आँतड़ियों को भी आराम मिलता है
जब हम हफ्ते में एक दिन व्रत रखते हैं तो हमारी आंतों को बड़ा आराम मिलता है जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा। इसके अलावा थकान,कब्ज, सिरदर्द जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती हैं। 2.पाचन तंत्र सही रहता है जिससे पेट और लीवर को आराम मिलता है।
यादास्त बढ़ती है। 4.वजन घटाने में सहायक 5.डिप्रेशन से छुटकारा
इन सभी बातों पर चलकर हम अपने जीवन को बड़ा ही खूबसूरत बना सकते हैं ।
Conclusion यदि भुखमरी खत्म होगी तभी हमारा देश प्रगति कर पायेगा और भुखमरी मिटाने में डेरा सच्चा सौदा का अहम योगदान है अगर आपके आस पास भी फ़ूड बैंक है तो उसमें खाना जमा करवाएं |
सिनेमाघर आज के समय मे मनोरंजन का सबसे अच्छा साधन बना हुआ है , कोई भी खुशी का अवसर हो युवा Movies देख कर अपना मनोरंजन करते हैं l आज के युग मे सिनेमा का क्रेज़ बहुत जोरो पर है , बच्चे हो या युवा Movies देखने के बहुत ज्यादा शौकीन होते है l आज का Youth Movies देखना बहुत ज्यादा पसंद करता है ।
आखिर क्यो बनाई बाबा राम रहीम ने फिल्में ?
हम सब का एक ही सवाल है कि आखिर एक बाबा को फिल्में बनाने की क्या जरूरत पड़ गई , क्योंकि बाबा व फीर ,फकीरों का काम तो सत्संगों के माध्यम से लोगो को ज्ञान देना व ईश्वर भक्ति से जोड़ना है लेकिन जब Baba Ram Rahim ने Youth पर फिल्मों का प्रभाव देखा , तो उन्होंने खुद को बदला और उन्होंने युवाओं को सही Guide करने के लिए Movies का सहारा लिया क्योंकि आज की युवा पीढ़ी भजन सत्संग सुनना पसंद नही करती उन्हें सत्संग सुनना अटपटा सा लगता है , Saint Ram Rahim Ji फ़रमाते है कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को अगर मिटाया जा सकता है तो यह काम जरूर किया जाना चाहिए ।
बाबा राम रहीम के फ़िल्म बनाने के मुख्य कारण क्या है ?
जैसा समय आता है संतों को भी वैसा ही बनना पड़ता है ,आज के समय में संत केवल सत्संग व अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को सुधारने का बीड़ा उठाए तो यह संभव नहीं है क्योंकि आज की युवा पीढ़ी सत्संगों में आना पसंद नहीं करती, आज के मॉडर्न युग को देखते हुए गुरुजी ने खुद को बदला अपनी वेशभूषा को बदला ताकि यूथ उनसे प्रभावित हो और उन्हें बाबा जी या संत ना समझे और अपने दिल की हर एक बात उनके साथ शेयर कर सकें, और ऐसा ही हुआ कि आज का नौजवान उनसे जुड़ने लगा उनसे अपनी बातें शेयर करने लगा और गुरु राम रहीम जी ने युवाओं तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए फिल्में बनाई क्योंकि आज की युवा फिल्में देखना पसंद करते हैं और फिल्मों के माध्यम से गुरु जी ने समाज में फैली बुराइयों को दूर करने का प्रयास किया और उनका प्रयास काफी हद तक सफल रहा ।
स्वस्थ समाज के सुधार का निर्माण ?
Baba Ram Rahim Ji का फिल्में बनाने का मुख्य कारण समाज को एक नई दिशा प्रदान करना है , Saint Dr MSG की फिल्में स्वस्थ समाज का निर्माण कर रही हैं उनकी फिल्में अश्लीलता से दूर है जिन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है और जो संदेश गुरुजी अपने सत्संग के माध्यम से लोगों को देते थे वही संदेश गुरु जी ने फिल्मों के माध्यम से लोगों को दिया ,नौजवान पीढ़ी गुरुजी से प्रभावित होकर अपनी बुराइयां छोड़ रही है और जब समाज से बुराइया खत्म होती है तो स्वतः ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है ।
बाबा राम रहीम ने बनाई 5 फिल्में जो बहुत ज्यादा भाषाओं में हुई रिलीज
MSG – The Messenger इसे ही “The Messenger Of God’ के नाम से जाना जाता है , यह Saint Dr MSG की पहली फिल्म है जो 13 फरवरी 2015 को हिंदी ,अंग्रेजी, तमिल, तेलगु,और मलयालम सहित पांच भाषाओं में Release हुई थी । The Messenger Film Messages
इस फिल्म में नशों का त्याग करने का संदेश दिया गया है ।
वेश्यावृत्ति त्यागने का संदेश, इस फिल्म में गुरुजी वेश्यावृत्ति में फंसी लड़कियों को इस नर्क से बाहर निकालते हैं और उन्हें अपनी बेटीया बनाकर उनकी अच्छे पढ़े लिखे नौजवान लड़को से शादी करते हैं ।
रक्तदान ,पौधारोपण ,जरूरतमंद लोगों की मदद करना आदि 20 संदेश इस फिल्म में दिए गए हैं ।
इस फ़िल्म की खास बात यह है कि यह सिर्फ 67 दिन में बनकर तैयार हो गयी थी। Superhit songs The Messenger Film 👇👇
जिएंगे मरेंगे मर मिटेंगे देश के लिए………..
दारू को गोली मारो…..
इस फ़िल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है । The impact of this film on society👇👇 इस Movie का समाज पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा , लाखो युवाओं ने फ़िल्म देखकर नशों का त्याग किया व
MSG- 2 The Messenger
एमएसजी – 2 “द मैसेंजर” Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan के निर्देशन में बनी वर्ष 2015 की सफलतम फिल्म है । यह 18 सितम्बर 2015 को तमिल, तेलगु ,हिंदी व अंग्रेजी भाषा में Release हुई ।
MSG-2 The Messenger Film Messages
आदिवासी लोगो के साथ समानता का व्यवहार करने का मुख्य संदेश है। – इस फ़िल्म में आदिवासियों को समाज की मुख्य धारा में शामिल करने की मुहिम को बड़े पर्दे पर बहुत ही शानदार ढंग से दर्शाया गया है। -इस फिल्म में मांसाहार, बाल विवाह, नशा जैसी बुराइयों को मिटाने का भी संदेश दिया गया है।
यह फ़िल्म सिर्फ 49 दिन में बनकर तैयार हुई ।
MSG-2 फ़िल्म में उत्कृष्ट अभिनय , निर्देशन व लेखन के लिए Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan को “दादा साहेब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन अवॉर्ड” से नवाजा गया है ।
इस फ़िल्म ने Release से पहले World Record बना लिया था। इस फिल्म के प्रीमियर में करीब एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे, प्रशासन ने इतनी भीड़ से निपटने के लिए खास तैयारियां की थीं,घंटों लंबा ट्रैफिक जाम रहा है, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की वजह से यह फिल्म गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड हो चुकी है ।
Superhit songs of this movie 👇👇
पार्टी धूमधाम से…. गुरु जी फ़रमाते हैं कि पार्टियां करो पर मांस, शराब, नशों की नहीं बल्कि राम के नाम की, लोगों का भला करने की गुरुजी समाज को बदलने के लिए अपने तरीकों को बदलने का संदेश देते है ।
इस फ़िल्म ने 430 करोड़ से ज्यादा रुपये कमाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है ।
The impact of this film on society
इस फ़िल्म को देखकर लोगो ने बाल विवाह जैसे अपराध ना करने के प्रण लिए है, और साथ ही आदिवासी लोगों के साथ समानता का व्यवहार करने का प्रण लिया ।
3.MSG The Warrior Lion Heart
MSG द वारियर लायन हार्ट राजस्थान के एक राजपूत योद्धा की कहानी है, जो 300 साल पहले अस्तित्व में था और इस योद्धा ने महिलाओं और उसकी मातृभूमि के सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी।
इस फ़िल्म में बाहरी अंतरिक्ष से आए एलियंस “ग्रह” और “महिलाओं” के लिए खतरा पैदा करते हैं और वे प्रौद्योगिकी में सैकड़ों साल आगे हैं, लायन हार्ट प्राचीन भारत के ज्ञान का उपयोग करते हुए इन शक्तिशाली प्राणियों से लड़ता है ।
यह फ़िल्म 7 अक्टूबर 2016 को रिलीज हुई ।
Message from this movie 👇 यह फिल्म समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने का संदेश देती है। Lion heart warrior मूवी में राम रहीम जी ने माता बहनों की इज्जत करने का संदेश दिया है ओर गुरु जी ने समझाया कि जो लोग कहते है ये दिन वार अशुभ होते है उनके लिए बहुत ही अच्छे से बताया हुआ है कि कोई भी दिन शुभ अशुभ नही होता उन्हें पाखण्ड वाद से दूर रहने का संदेश दिया है। किसानों की दुर्दशा को सुधारना ।
आत्महत्या ना करने के लिए प्रेरित करना ।
इस फ़िल्म के सॉन्ग👇 -ढोल बाजे … हो बाजे नगाड़ा …. इस सॉन्ग के तहत गुरुजी बहन बेटियों की इज्जत करने का सन्देश देते है ।
यह फ़िल्म केवल 25 दिनों में बनकर तैयार हुई ।
The impact of this film on society इस फ़िल्म का समाज पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ा , लोगों ने फ़िल्म देख कहा कि हम माता बहनों की हमेशा इज्जत करेंगे ।
4 .Hind Ka Napak Ko Jawab
हिंद का नापाक को जवाब फिल्म Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक पर बनाई गई हैं , गुरुजी इस फ़िल्म में “शेर ए हिन्द” के रोल में है और भारतीय सेना की मदद करते है,इस फिल्म में बाबा जी ने बताया है कि पाकिस्तान भारत में जेहाद के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है, इसलिए बाबा जी ने इस फिल्म में धर्म और जेहाद की परिभाषा को भी स्पष्ट किया है।
यह फ़िल्म 10 फरवरी 2017 को Release हुई ।
Message from this movie 👇
यह फिल्म देशभक्ति का संदेश देती है ।
इस फ़िल्म में दुश्मनों से हार न मारकर उनका सामना करने का संदेश है।
देश भक्ति से ओतप्रोत फ़िल्म है ।
सभी धर्मों को बढ़ावा ।
इस फिल्म को बनाने में Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan को सिर्फ 29 दिन लगे ।
A song full of patriotism 👇 जंग है हमारी आतंकवाद से…… गुरु जी फ़रमाते हैं कि हमारी जंग सिर्फ आतंकवाद से हैं ना कि किसी धर्म जाति या देश देहात से ।
इस फ़िल्म का एक डायलॉग ‘जो मां को मारे वो पूत नहीं होता, देशभक्ति का कोई सबूत नहीं होता’ ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था।
इस फ़िल्म ने करीब 30 करोड़ की कमाई की ।
Jattu Engineer जट्टू इंजीनियर Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan द्वारा बनाई गई अंतिम फिल्म है इस फिल्म को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों का स्वस्थ्य तरीके से मनोरंजन करना और समाज को बुराइयों से मुक्त करना है ।
Message from this movie👇
यह फ़िल्म 19 फ़रवरी 2017 को Release हुई।
जट्टू इंजीनियर फिल्म में पूज्य गुरू जी द्वारा गाँव को स्वच्छ रखने, शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देने, लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने जैसे अनेको संदेश दिए गए हैं ।
Superhit song of this movie 👇👇 जोश में….. यह भी देश भक्ति से संबंधित है इसमें गुरु जी बच्चों को फ़रमाते हैं कि हम पूरे होश में ,जोश में चलेंगे और देश का नाम चमकाने के लिए सारे यत्न करेंगे और देश के लिए गोल्ड लाएंगे।
इस फ़िल्म का सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि गरुजी द्वारा यह फिल्म केवल 15 दिनों में बनाई गई और फिल्मांकन करते समय गरुजी ने 43 भूमिकाए निभाई ।
इस फिल्म के प्रीमियर के मौके पर गरुजी के 20,000 भक्तों ने एक साथ गाय का दूध पिया था। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के दूध पीने वाला यह रिकॉर्ड एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था।
The impact of this film on society
इस फिल्म का समाज पर बहुत अच्छा प्रभाव दिखाई देता है क्योंकि लोगों ने यह फिल्म देखकर साफ सफाई रखने की आदत अपनाई है ।
आखिर क्या करेंगे गरुजी इतनी कमाई का ? गरुजी ने फिल्मों से मिले मेहनताने को मानवता भलाई कार्यों पर खर्च कर प्रस्तुत कर रहे हैं अनुकरणीय मिसाल उत्तर भारत का पहला बोन बैंक पूज्य गुरुजी ने फरमाया कि सरसा में बनने जा रहा बोन बैंक संभवत उत्तर भारत का पहला बैंक हैं। इस बैंक के माध्यम से हड्डी रोगियों को कृत्रिम अंगों की जगह वास्तविक अंग उपलब्ध हो सकेंगे। आपजी ने फरमाया कि इस बैंक के द्वारा पूरी टांग तक बदलने की सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी। यहां प्लास्टिक नहीं, बल्कि नैचुरल अंग जैसे घुटना, कूल्हा आदि प्रत्यारोपित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
गुरु जी की फिल्मों में देश भक्ति और बुराइयों को त्यागने के संदेश छुपे हुए हैं साथ ही हिम्मत ना हारते हुए कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने के संदेश हैं सभी को गुरु जी की फिल्में जरूर देखना चाहिए जिससे एक नया जोश मिलता है गुरु जी की फिल्में देखकर आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार होगा जिससे आपको जीवन जीने की एक नई राह मिलेगी ।