When is to celebrate?
विश्व दर्शन दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है जिसे यूनेस्को द्वारा नवंबर के प्रत्येक 3rd गुरुवार को मनाया जाता है, यह पहली बार 21 नवंबर 2002 को मनाया गया था।
Reason to Celebrate!
प्रत्येक वर्ष विश्व दर्शन दिवस मनाकर, नवंबर के तीसरे गुरुवार को, यूनेस्को मानव संस्कृति के विकास के लिए, प्रत्येक संस्कृति के लिए और प्रत्येक व्यक्ति के लिए दर्शन के स्थायी मूल्य को रेखांकित करता है। यूनेस्को हमेशा philosophy से निकटता से जुड़ा रहा है |
India : A country of Spiritualism
भारत देश मे पिछले कई वर्षों से महान संत महात्माओं ने जन्म लिया है इसलिए ही भारत को गुरु देश भी कहा जाता है और इस भयानक कलयुग के समय में भी एक महान संत ने भारत देश की इस पवित्र धरती पर अवतार लिया है जिन्होंने करोडो लोगों को सत्संगों के माध्य्म से अच्छी नेक शिक्षा दी है, व गुरुमंत्र देकर सुखी जीवन जीने का तरीका बताया है , उनकी पावन शिक्षा पर चलते हुए करोडो लोग आज खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे है और देश मे ही नही बल्कि विदशों जैसे- जापान , इटली , अमेरिका , कनाड़ा में भी मानवता भलाई के कार्य कर मानवता की सच्ची मिशाल कायम कर रहे है , अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसे कोनसे संत है तो वह संत है Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan , जिन्होंने पूरी दुनिया मे राम नाम का डंका बजा रखा है ।
Know about the true modern spiritual philosophy
- Supreme Power God is Omnipresent
आज अधिकतर लोग भगवान को मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा व चर्च में ढूंढते हैं। कोई ईश्वर को पाने के लिए भगवा कपड़े पहनता है लेकिन Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan कहते हैं कि भगवान कण-कण व जर्रे-जर्रे में समाया हुआ है इस दुनिया में जितने भी पशु-पक्षी, पेड़-पौधे,हवा,पानी सब में उस ईश्वर का वास है और यहां तक की हर इंसान के अंदर भगवान का रूप है उसे पाने के लिए हमें कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं, कोई पहरावा नहीं बदलना बस रोजाना सुबह-शाम सच्चे मन से उसकी भक्ति करे तो आप उसे अपने अंदर देख पायेंगे और उसकी दया,मेहर हासिल कर पाएंगे जो दोनों जहान में आपके साथ रहेंगे हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा है कि ईश्वर को खोजना है तो सबसे पहले अपने अंदर झांको और उसकी बनाई सृष्टि से निस्वार्थ प्रेम करो।
- We all are One and Humanity is our caste
हमारे देश में भिन्न-भिन्न भाषा-बोलियां, वेशभूषा, रहन-सहन अलग-अलग हैं और कुछ लोग जात-पात को लेकर आपस में लड रहे हैं और ऊंच-नीच का भेदभाव करते है। ईश्वर ने मनुष्य को जन्म देकर खुद मुख्यतार बनाया और इसे इच्छानुसार कर्म करने व राम-नाम जपने का अधिकार दिया लेकिन मनुष्य इंसानियत के सभी गुणों को भूलकर बुरे कर्मों के कारण हैवानियत की ओर जा रहा है। Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan फरमाते है कि हम सबकी एक ही जात वो है इंसानियत। हम सब भाई-भाई है। पूज्य गुरूजी ने समाज में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही बुराईयों को खत्म करने और इंसानियत को पुनर्जीवित करने के भी लिए लोगों को मानवता का पाठ पढ़ाया और समझाया कि प्रेम-प्यार से रहे। अगर कोई भूखा-प्यासा है तो उसे भोजन दें,बीमार का इलाज कराये आदि यही इंसानियत का असली फर्ज है और गुरु जी की प्रेरणा से आज करोड़ो लोगों ने बुरे कर्मों को छोड़कर सच्ची इंसानियत को अपनाया है।
- Don’t kill the Innocent for momentary Taste
धर्मो में भी लिखा गया है कि मांसाहार राक्षसों का खाना है क्योंकि हमारे देवी-देवता भी शाकाहारी भोजन करते थे और आज हमारे वैज्ञानिक भी मानते हैं कि हमारे शरीर का ढांचा शाकाहारी भोजन के लिए बना है इसलिए हमारी आंते मांस को पचा नहीं पाती जिससे वह सड़ता रहता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा होती है लेकिन लोग अपने जीभा के स्वाद के लिए निर्दोष जीवों को मारकर खा रहे हैं | संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने लोगों को समझाया कि लोगों को यह भ्रम है कि मांसाहार खाने से ज्यादा ताकत आती है जबकि शाकाहारी भोजन जैसे सोयाबीन, दालें,पनीर,मेवे में मांस कई गुना ज्यादा प्रोटीन व विटामिन होते हैं और गुरूजी के पावन वचनों को सुनकर करोड़ों लोगों ने मांसाहार त्यागकर शाकाहारी भोजन को अपनाया और आज एक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
- Shun Hypocrisy
आज हमारे देश में कई तरह के पाखंडवाद हो रहे हैं जैसे बिल्ली का रास्ता काटना, हफ्ते के दिनों का शुभ-अशुभ होना,भूत प्रेत आना आदि। इन अंधविश्वासो के चलते निर्दोष, बेजुबान जीवों की बलि चढ़ा दी जाती है। Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan फ़रमाते है कि कुछ भी अशुभ नहीं होता और ना ही कोई भूत प्रेत होता है और इन सबका कारण है अज्ञानता। यह सब हमारी मानसिक कमजोरी के कारण होता है, इंसान कई बार इतनी टेंशन ले लेता है कि उसे सही गलत का होश नहीं रहता, गुरू जी ने जड़ पूजा, भूत प्रेत का भेद बताकर ऐसे पाखंडवाद से बाहर निकाला।
- Selfless love
यह पूरी सृष्टि भगवान ने बनाई और यदि हमें ईश्वर को पाना है तो उसकी बनाए प्रत्येक जीव की सेवा करनी होगी। इसलिए पूज्य गुरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने लोगों को प्रेरित किया कि हमें जो भी जीव दर्द में हो उसका दुख दूर करना चाहिए।
हम मनुष्य तो अपने दर्द को बयां कर सकते हैं लेकिन बेजुबान पशु-पक्षी अपनी पीड़ा नहीं बता सकते इसलिए रोजाना इनके लिए भोजन व पानी जरूर रखें और कोई पशु घायल हो तो उसका इलाज करवाएं। Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan की प्रेरणा से उनके करोड़ों अनुयाई गरीब जरूरतमंद लोगों को राशन, रक्तदान, बेसहारा को मकान और पशुओं के लिए चारा व पानी आदि कार्य करके भगवान के बनाए हर जीव की सेवा कर रहे हैं।
- Love all creatures Selflessly
इस जन्म में यह दो काम करो, एक नाम जपो और प्रेम करो, किसी जीव का दिल ना दुखाना कभी, मौत याद रखो मालिक से डरो l पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इंसान को सभी से नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करना चाहिए और मालिक के नाम का जाप करना चाहिए। नाम जपो और प्रेम करो, प्रेम में राम समाया है। जो इंसान मालिक की बंदगी करता है और उसका पल-पल शुक्रिया अदा करता है और मालिक की बनाई गई सृष्टि से नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करता है तो अल्लाह उसे खुशियों से नवाज देता है, किसी प्रकार से कोई भी कमी नहीं छोड़ता। अगर हम बेइंतहा खुशियां हासिल करना चाहते हैं तो रोजाना भगवान की बंदगी करें, व उसकी बनाई हुई सृष्टि से नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करें और कभी भी अनजाने में भी किसी का दिल ना दुखाएं। - Meditation to defeat negativity and disease like cancer
वर्तमान में इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग इतना व्यस्त हो गए हैं कि खुद के लिए समय ही नहीं है इसलिए जब कोई दुख, बीमारी आती है तो गम, चिंता सताने लगती है और मनुष्य खुद को असहाय महसूस करने लगता है और कई बार चिंता इतनी बढ़ जाती है कि इंसान आत्महत्या जैसा महापाप करने का सोचने लगता है लेकिन Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan बताते हैं कि मेडिटेशन यानी ध्यान एक ऐसी रामबाण औषधि है जो हमारे शारीरिक व मानसिक दोनों बीमारी का इलाज कर सकती है।जब आप मेडिटेशन करते हैं तो आपके अंदर सोई हुई आंतरिक शक्ति जाग्रत हो जाती है और हमारा आत्मबल बढ़ता है जिससे हम अपने नेगेटिव विचारों पर कंट्रोल करके हर समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं और अपने विलपॉवर को बुलंदियों तक ले जा सकते है, मेडिटेशन के अभ्यासकर से विलपॉवर बढ़ाकर करोड़ों लोग 3rd स्टेज के कैंसर को हराकर एक नई जिंदगी हासिल कर चुके हैं।
- Liberated soul from the vicious transmigration cycl
गुरु जी ने भगवान के नाम की अनमोल दात देकर 84 लाख जूनियों के जन्म-मरण के चक्कर से मोक्ष मुक्ति दिलवाई। गुरु जी फ़रमाते हैं, रोज़ाना सुबह-शाम सच्चे दिल से भगवान की भक्ति करें, चाहे सुख हो या दुख, कभी भी ईश्वर को ना भूलें।
Conclusion
हमें भी हमेशा सच्चाई के रास्ते पे चलना चाहिए, कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए बल्कि हमेशा दूसरों का भला मांगना चाहिए क्योंकि जब हम किसी का भला माँगते है या भला करते हैं तो भगवान आपका भला पहले करता है और अगर हम किसी की निःस्वार्थ सेवा करते हैं तो वो हमेशा हमें दुआएं देगा और हम बुज़ुर्गों से सुनते आए हैं कि जहाँ दवा काम नहीं करती, वहाँ दुआ काम कर जाती है इसलिए हमेशा सबका भला करें और उनसे दुआएं प्राप्त करें।












