बढ़ती आबादी को रोकने का बेहतरीन उपाय- एकम सुखम पहल

आज बढ़ती जनसंख्या पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गई है जिसके दुष्प्रभाव से इस पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

Reasons of increasing population

  1. अज्ञानता व अशिक्षा के कारण लोग यह नहीं समझ पाते कि अधिक बच्चे पैदा करने से उनके स्वास्थ्य को भी खतरा है और बढ़ती आबादी से कितनी समस्याएं पैदा हो रही है।
  2. लोगों में अंधविश्वास है कि बेटा ही वंश चला सकता है और वही बुढ़ापे का सहारे बन सकता है इसलिए बेटों की चाह में अधिक संतान पैदा करना भी प्रमुख कारण है।

Worst effects of overpopulation

  1. यदि जनसंख्या इसी तरह बढ़ती रही तो भुखमरी, बेरोजगारी, अपराध, संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती है।
  2. यदि जनसंख्या अधिक होगी तो जमीन कम हो जायेगी और इंसान जंगलों व वनों को काटकर अपने घर बनाने लग जाएंगे क्योंकि रहने के लिए मकान की जरूरत होती है जिससे कृषि करने के लिए भूमि कम होती जायेगी जिसके कारण खाने के लिए अन्न पैदा नहीं होगा और पीने के लिए पानी नहीं मिलेगा।
    बेरोजगारी बढ़ने से भुखमरी फैलेगी जिसके लिए लोग चोरी जैसे अपराध करने लग जाएंगे इसलिए हम सबको मिलकर इस समस्या का समाधान करना होगा, यह हमारा फ़र्ज़ है।
  3. देश की बढ़ती हुई जनसंख्या में संसाधनों की तेजी से कमी होती जा रही है। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे समस्या भी बढ़ रही है।
  4. बढ़ती हुई जनसंख्या में जो सबसे बड़ी समस्या है, वह है “बेरोजगारी”। इंसान के पास अपनी आय के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं है जिसकी वजह से भुखमरी बढ़ रही है। यदि इंसान के पास कोई रोजगार ही नहीं होगा तो उसके पास पैसा कहां से आएगा और बिना पैसे के वह भोजन नहीं खरीद सकता और साथ ही समय के साथ साथ महंगाई भी बढ़ती जा रही है। गरीब लोग बेरोजगार होने के कारण कुपोषण के शिकार हो रहे हैं और यह सब बढ़ती हुई जनसंख्या की वजह से हो रहा है। पढ़े लिखे लोग भी बेरोजगार घूम रहे हैं, किसी ना किसी काम की तलाश में भटक रहे हैं।
  5. Ill effects of overpopulation on health:

बढ़ती हुई जनसंख्या का लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है इसके लिए हम एक परिवार को ही लेते हैं अगर एक परिवार में सदस्य कम होते हैं तो घर का मुखिया सदस्यों की अच्छी तरह से देखभाल कर सकता है लेकिन मेंबर्स ज्यादा होने के कारण उसी परिवार में सब का इतना ध्यान नहीं रखा जा सकता।

“Content with One” initiative

देश में बढ़ती हुई जनसंख्या से निपटने के लिए सर्व धर्म संगम Dera Sacha Sauda एक ऐसी संस्था है जो 134 मानवता भलाई के कार्य करती है और डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाई गई मुहिम ‘हम एक हमारा एक’ के अंतर्गत डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई अपना इस मुहिम में योगदान देकर बढ़ती हुई जनसंख्या के प्रभाव को कम कर रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने एक ही बच्चे का लिखित में प्रण लिया हुआ है और साथ ही डेरा सच्चा सौदा में चलाए जा रहे 134 मानवता भलाई के कार्यों में से एक कार्य ‘एकम सुखम’ के तहत जनसंख्या को नियंत्रण करने के लिए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने “हम एक हमारा एक वरना दो के बाद माफी” का नारा दिया जो बढ़ती आबादी को रोकने में एक कारगर उपाय साबित हो रहा है।

परिवार नियोजन को देखते हुए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा रैली निकालकर जागरूक किया जा रहा है।

What should families of single girl child do after adopting ‘content with one’ initiative?

जिन लोगों यह चिंता सताती है कि उनकी एक बेटी होने पर उनका वंश नहीं चल पायेगा और बुढ़ापे में सेवा कौन करेगा तो उन्हें बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने यह मुहिम चलाई जिसके अंतर्गत जिनकी एक बेटी है वो लड़की बारात लेकर जाती है और लड़के को विदा करके अपने घर लाती है और उससे होने वाली संतान को मां के नाम से जाना जाता है जिससे बेटियां भी वंश चला सकती है और वो दोनों मिलकर अपने माता-पिता का सहारा बनते हैं।

Conclusion

सरकार ने भी जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बहुत सी नीतियां बनाई हैं लेकिन अकेले सरकार के प्रयासों से भी इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है।

जब तक जनता सरकार का सहयोग नहीं करती तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

इसलिए यह हमारा दायित्व बनता है कि सरकार जो भी नीतियां इस दिशा में लागू कर रही है, उनका पालन किया जाए।

बेजुबान जानवरों की कैसे करे मदद ?

पृथ्वी एकमात्र ऐसा ग्रह है, जहां पर मनुष्य और पशु दोनों ही रहते हैं। जीवन को अच्छे तरीके से चलाने के लिए दोनों को एक-दूसरे का सहयोग जरूरी है।

Importance of Animals

पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए। जानवर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्योंकि वे प्रकृति के चक्र को संतुलित बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए उन्हें भी जीने का अधिकार है।
Animals के पास मनुष्य की तरह जुबान नहीं होती। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मनुष्य उनका लाभ उठाएं और हानि पहुंचाये।
अगर पृथ्वी से एक भी प्रजाति को हम खत्म कर देते हैं। तो कोई एक प्रजाति इतनी बढ़ जायेगी कि अन्य प्रजातियों के लिए खतरा बन जाती है।

इन्सान तो किसी भी तरह से अपनी भूख मिटा लेता है। लेकिन बेजुबान जानवर जो किसी को बोलकर नही कह सकते। इसलिए हमें उनके लिए पानी व हरा चारा रखना चाहिए। ताकि कोई भी जानवर भूख व प्यास से न मरें।

इसलिए हमें पशुओं के बारे में सोचना चाहिए। उनके संरक्षण के प्रति बच्चों व लोगों में जागरूकता फैलानी चाहिए।

पशु हमारे लिए बहुत ही उपकारी है। क्योंकि अपने जीवन में और मृत्यु के बाद भी इतने किसी के काम नहीं आते। जितने ये पशु जो जीते जी तो हमारे काम आते ही है। मृत्यु के बाद भी उनका चमड़े में प्रयोग किया जाता है।

इसलिए संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए गए 134 मानवता भलाई के कार्यो के तहत।

Efforts to save animals

↔️ Dera Sacha Sauda के अनुयायियों ने आवारा पशुओं की देखभाल का बीड़ा उठाया।

↔️ जहां भी कोई पशु भूखा प्यासा या घायल मिलता है। तो उसके लिए भोजन,पानी व इलाज की पूरी व्यवस्था करते हैं।

↔️ इसके लिए जगह-जगह गायों को लिए चारा, कुत्तो व बंदरों के लिए रोटी डालना आदि द्वारा उनकी संभाल करते हैं। ताकि कोई पशु भोजन की तलाश में कचरे में पड़ी पॉलिथीन की थैली ना खाएं। जो उनके गले में चिपक जाती है और उनकी मृत्यु हो जाती है।

पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां फरमाते हैं कि पशु बेजुबान होते हैं। इन्हें कभी भी मारना नहीं चाहिए। बल्कि जितनी ज्यादा हो सके हमें इनकी मदद करनी चाहिए।

Animals को घास हरा चारा डालना चाहिए। जिसे खाकर वे अपनी भूख शांत कर सकें। पशुओं को भी हमारी तरह भूख लगती है। लेकिन बेजुबान होने की वजह से वह हमें बोलकर नहीं बता सकते। लेकिन हमारा फर्ज बनता है कि इंसान होने के नाते हम उनकी मदद करें। उनकी भावनाओं को समझें।

Spiritual Teachings
पूज्य गुरु संत डॉक्टर राम रहीम सिंह इंसान जी इंसां फ़रमाते है:-

*️⃣ जब हम खाना बनाते है तो पहली रोटी जानवरों के लिए निकालनी चाहिए।
गुरु जी की प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई अपने खाने की पहली रोटी पशुओं के लिए निकालते है।

Feed animals get happiness
पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा फरमाते हैं कि जैसे हमें भूख लगती है और हम खाना खाते हैं तो हमारी बुक शांत हो जाती है और हम बहुत अच्छा महसूस करते हैं वैसे ही पशु होते हैं बेजुबान पशुओं को भी भूख लगती है अगर हम उन्हें खाना दे देते हैं जिसको खा कर उनकी भी भूख शांत हो जाती है और वह भी खुशी महसूस करते हैं इसलिए जितना ज्यादा हो सके पशुओं की मदद करें और उन्हें कुछ ना कुछ खाने को जरूर दें अगर हम ऐसे पशुओं की मदद करते हैं तो हमें भी आंतरिक खुशी मिलेगी और पशुओं की भूख मिट जाएगी और वह भी खुशी महसूस करेंगे

आप सभी ने देखा ही होगा कि हमारे आस पास और सड़क पर कितने आवारा पशु घूमते रहते हैं अगर हम उनमें से किसी भी पशु की हेल्प कर देते हैं तो इस मुहिम में हमारा बहुत बड़ा योगदान होगा

आखिर कैसे बचें कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से ?

आजकल कैमिकल युक्त जहरीले खान-पान, जंक फूड, मांसाहार भोजन, नशे आदि के कारण कैंसर जैसी भयानक बीमारियां पैदा होती है और कैंसर शरीर के इम्नुयूटी सिस्टम को खत्म कर देता जिससे इंसान के रोगों से लडने की क्षमता कमजोर हो जाती है इसलिए आज हर 10 आदमी मे से एक व्यक्ति को कैंसर है।

कैंसर क्या है ?

कैंसर एक ऐसी भयंकर बीमारी बन चुका है जिसके नाम सुनते ही लोगों के पैरों तले से जमीन निकल जाती है, लोगों का मानना है कि कैंसर एक लाइलाज बीमारी है, पर नही कैंसर का सही इलाज ओर समय पे पता लगने पे इसका इलाज हो सकता है।

कैंसर के लक्षण :-

  • भूख कम लगना
  • त्वचा में बदलाव आना
  • कुछ निगलने में दिक्कत आना
  • पेसाब में खून आना
  • खांसी में खून आना
  • स्तनों में गांठ

Cancer का पता बायोप्सी नामक टेस्ट से चलता है

कैंसर की रोकथाम के लिए कुछ उपाये:-

  • बीड़ी सिगरेट का सेवन न करें
  • तला व भुना हुआ खाना ज्यादा न लें
  • स्वस्थ रहने के लिए रोज कसरत करे
  • रोजाना प्रभु के नाम का जाप करे। वैसे तो कैंसर एक लाईलाज बीमारी है जिसका कहीं भी इलाज संभव नहीं है। लेकिन इसे सही किया जा सकता है।

Meditation is the solution to all problems

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस लाईलाज बीमारी से बहुत से लोगों ने छुटकारा पा लिया है पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा से नाम विधि प्राप्त कर डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई रोजाना सुबह-शाम इस विधि का अभ्यास करते हैं जिसे मेडिटेशन कहते हैं कैंसर पीड़ित का कहना है कि वह रोजाना मेडिटेशन के साथ-साथ प्राणायाम करते हैं मेडिटेशन करने से उनका आत्मबल बड़ा है और साथ ही कैंसर जैसी लाईलाज बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ी है जिससे वे आज कैंसर जैसी बीमारी से मुक्त हो चुके हैं और स्वस्थ व खुशहाल जीवन जी रहे हैं वे इसका सारा श्रेय है पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा को देते हैं जिनसे उन्होंने नाम विधि प्राप्त की meditation हमारे इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाता है जिससे हम किसी भी प्रकार की बीमारी से लड़ सकते हैं और साथ ही यह हमारे कॉन्फिडेंस को बढ़ाता है

Awareness is must
Cancer एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर सही समय पर पता चल जाए तो इलाज संभव है अगर इसका सही समय पर पता ना चले तो यह एक लाईलाज बीमारी बन जाती है जिसका उपचार कोई बड़ा से बड़ा डॉक्टर भी नहीं कर सकता शरीर में सेल्स परिवर्तन की वजह से कैंसर हो सकता है
क्या आप जानते हैं भारत में हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है जिसमें लोगों को कैंसर से होने वाले लक्षणों के बारे में बताया जाता है उसके बारे में पहले ही जागरूक करवा दिया जाता है ताकि आगे चलकर यह जटिल रूप धारण ना कर ले और लोग इसके बारे में जागरूक हो जाएं

Shun the use of intoxicants

पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा फरमाते हैं कि कैंसर का एक मुख्य कारण नशा भी है नशा करने से कैंसर जैसे रोग हो जाता है इसलिए इंसान को कभी भी नशा नहीं करना चाहिए और तंबाकू एक ऐसा नशा है किसका सीधा संबंध कैंसर से है जिसमें पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं तो उन्हें फेफड़ों का कैंसर हो जाता है और नशे की वजह से Cancer जैसे रोग होने से मौत हो जाती है डेरा सच्चा सौदा के अनुयाई पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा के पावन प्रेरणा पर चलते हुए किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते हैं

संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने लोगों को बताया कि कैंसर को हराने के लिए हमें अपने खान-पान को बदलने के साथ-साथ मेडिटेशन व प्राणायाम का निरंतर अभ्यास करना चाहिए क्योंकि मेडिटेशन हमारी इच्छाशक्ति को मजबूत करता है और प्राणायाम इम्नुयूटी सिस्टम को मजबूत करता जो किसी भी बीमारी से लडने में मददगार है और पूज्य गुरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान द्वारा बताए गए Meditation के अभ्यास से करोड़ों लोगों का 4th स्टेज के कैंसर मरीज आज एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं तो आप भी अपने दिनचर्या व खान-पान में जरूर बदलाव करें।

पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान फ़रमाते है नियमित शारीरिक व्‍यायाम और सही शारीरिक वजन और संतुलित भोजन निश्चित रूप से कैंसर के खतरे को कम करता है इसलिए रोजाना सुबह उठकर व्यायाम करना चाहिए और संतुलित भोजन ही खाना चाहिए भोजन में मांसाहार नहीं खाना चाहिए सिर्फ शाकाहारी भोजन ही खाना चाहिए शाकाहारी भोजन में विटामिन ए प्रोटीन होता है जिससे कैंसर जैसी बीमारी का खतरा नहीं होता

ध्यान के फायदे, कैसे अपने हर मुश्किल काम को आसान बनाया जाये

हम सभी चाहते है कि हमारे शरीर का हर एक अंग सुचारु रूप से कार्य करता रहे ताकि हम स्वस्थ बने रहे और हमारे मन मे आने वाले विचार भी सकारात्मक हो जो हमें अंदरूनी शक्ति प्रदान करे!

और हमारे तन मन को स्वस्थ रखने मे सहायक हो लेकिन आजकल की जीवन शैली मे न तो शरीर को उचित पोषण मिल पता हैं न ही मन को अच्छे विचार !

और इसी का परिणाम होता है आये दिन नई नई शारीरिक बीमारियों से सामना होना और मन मे रोजाना नए नए विकारो का प्रवेश होना तो ऐसे मे जरुरत महसूस होती है कि किसी विद्या या तरीके की जो केवल हमारे शरीर को ऊर्जा दे बल्कि मन की भी देखभाल करे तो ऐसी ही विद्या का नाम है- Meditation

वैसे ही सम्पूर्ण व्यक्ति के लिए संतुलन के लिए Meditation अति आवश्यक है, ध्यान की विद्या हमारी प्राचीन धरोहर है!

जिसे पूरे विश्व मे न केवल सराह जा सकता है! बल्कि अपनाया भी जा रहा है, इससे होने वाले फायदे अद्भुत हैं!

हमें योग व ध्यान सीखना क्यों जरूरी है ?

ज़ब भी हम योग व Meditation की बात किसी से करते है तो वह कहते है कि यह तो केवल बूढ़ो के लिए है, युवाओं के लिए नहीं!
लेकिन नहीं, यह सभी के लिए अत्यंत जरूरी है

हमारा सिस्टम इस धरती की सबसे काम्प्लेक्स मशीन है, अगर आपके पास कोई फोन या गेजेट है तो आपको उसके बारे मे जितनी अधिक जानकारी होंगी आप उसे उतना ही बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे

फिर हमारे शरीर के साथ ऐसा क्यों नहीं हो सकता! आप इसके बारे मे जितना ज्यादा जानेंगे उसका उतना बेहतर ही इस्तेमाल कर सकेंगे बस यही योग है!

हमने अपनी जिंदगी मे बहुत बार सुना होगा, लगभग हम सुनते ही होंगे, अपने माता पिता से, टीचर्स से, कि ध्यान से करना! किसी भी चीज को ध्यान से करना वो क्या चीज है – Meditation

क्या कभी हमने जानने की कोशिश की है!
हमने सुना तो बहुत बार है लेकिन कभी जानने की कोशिश नहीं की कि ध्यान क्या हैं ?

कई बार तो हम अपनी जिंदगी मे ऐसी चीज़ो से गुज़र रहे होते है कि हमें पता ही नहीं चल पता कि हम अपनी जिंदगी मे क्या करे ?
कैसे आगे बढे, कैसे जिए जिंदगी को ?

तो ध्यान की जरुरत उन परिस्थितियों मे और अधिक बढ़ जाती है!

ध्यान की आवश्यकता अगर हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी मे देखा जाये तो सभी मे है क्योकि टेक्नोलॉजी, कम्पीटिशन और हर तरह से आदमी के ऊपर Stress है, चाहे वो बच्चे है पढ़ने वाले, काम करने वाले कर्मचारी है!

ध्यान ऐसा नहीं है कि कोई योगी या साधु करेगा! जी नहीं, Meditation एक ऐसी अवस्था है जिसमे हमारे विचार शून्य हो जाये!

Meditation के Benefits क्या है यहां समझे-

Meditation करने से हमारा शांत चित्त रहता है!

अच्छी एकाग्रता

बेहतर संवाद

स्वास्थ्य लाभ – शारीर की आंतरिक क्रियायों मे विशेष परिवर्तन होते है!

नेगेटिविटी कम करने मे सहायक

आत्मबल मजबूत

मानसिक शक्ति का विकास!

ऐसी युक्ति जिससे करोड़ो लोगो ने पाया तनाव मुक्त जीवन!

क्या आप सभी जानते हो ध्यान करना किसका चाहिए ?
कई लोग दोनों आँखों के बीच मे ध्यान लगा तो लेते है लेकिन उन्हें पता नहीं होता वो अंदर से जाप किसका करे, तो चलिए बताते है!

एक सच्चा गुरु ही गुरुमंत्र दे सकता है या Method Of Meditation के बारे मे बता सकता है जिसका ध्यान के साथ जाप करने से किसी भी परेशानी का हल आसानी से खोजा जा सकता है!

क्योकि पूज्य गुरु सन्त डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान जी ने खुद पहले वो गुरुमंत्र को आजमाया हुआ हैं तभी वह आगे अपने शिष्यो को बता सकता हैं कि इसके क्या क्या फायदे है?

ध्यान किसी भी समय किया जा सकता है हालांकि, सुबह जल्दी उठकर 2-5 के बीच मे ध्यान करना उत्तम होता है!

इस संसार मे बहुत से लोग तनाव से प्रभावित होते है! इससे उच्च रक्तचाप जैसी बीमारिया होती है किन्तु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसान द्वारा दिए गए Method Of Meditation यानि ध्यान की विधि से करोड़ो लोग अपने तनाव से छुटकारा पाने मे सक्षम हो शांतिपूर्ण जीवन जी रहे है

पूज्य गुरू सन्त डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान जी द्वारा बताये हुए है फायदे

मैडिटेशन द्वारा अपनी इच्छा शक्ति को दृढ़ करे और नकारात्मकता पर ध्यान दिए बिना अपने लक्ष्य की और कदम बढ़ाते रहे तो एक दिन अवश्य आपकी जीत होंगी!

पूज्य गुरू सन्त डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान जी ने समझाया है कि हमारा जीवनकाल सीमित है इसलिए जीवन बर्बाद ना करे पॉजिटिव रहते हुए दृढ़ निश्चय कर अपने उद्देश्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करे और दूसरों के लिए वो मशाल बने जिसके प्रकाश मे दूसरे भी आगे बढ़ते चले जाये!

कैसे Meditation कम करता है तनाव को??

Meditation अथवा ध्यान मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को बढ़ाता है जैसे जैसे मस्तिष्क की क्षमता बढ़ती है यह समस्या का समाधान तेजी से खोजता है और टेंशन खत्म हो जाती है इसलिए नियमित रूप से ध्यान जरूर करे!

यदि आप बीमार है और दवाये असर नहीं कर रही है तो शीघ्र स्वस्थ होने के लिए दवा लेने से पहले ध्यान लगाए यानि ईश्वर का नाम का जाप करे और प्रार्थना करे

Dera Sacha Sauda मे ऐसे कई उदाहरण है जो की वर्णन नहीं किया जा सकता
कई थर्ड स्टेज के कैंसर से ग्रसित थे और उन्होंने पूज्य गुरु सन्त डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान जी के बताये हुए गुरुमंत्र का 3 से 4 महीने जाप किया और अपनी बीमारी पर जीत हासिल की और
अपने आत्मबल को ध्यान करने से मजबूत बनाये रखा

Meditation को योगा के साथ भी किया जा सकता है!

योगा के साथ साथ अगर ध्यान किया जाये तो कहना ही क्या! प्राणायाम सबसे उत्तम माना जाता है ध्यान के लिए!
ज़ब आप ध्यान मे बैठते हो तो प्राणायाम के साथ अगर भक्ति की जाये तो सिर्फ आत्मिक नहीं, शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक शक्ति भी हासिल की जा सकती है!

इसलिए आज से ही अपने जीवन मे ध्यान को जरूर शामिल करे और स्वस्थ जीवन जीए

प्रकृति की भाषा समझें पर्यावरण सरंक्षण के लिए !

प्रकृति के संरक्षण के लिए आप और हम क्या कर सकते हैं? 

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 July को मनाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न प्रजाति के जीव जंतु, स्रोत और वनस्पति विलुप्त होते जा रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा कि इन सबके पीछे क्या वजहें हैं?

चलो, आईये हम पहले जान लें कि प्रकृति क्या है? प्रकृति के तीन प्रमुख तत्व हैं जल, जंगल और जमीन, जिनके बिना प्रकृति एक दम अधूरी है।
आजकल इसका दोहन भी बड़े पैमाने पर हो रहा है! हम प्रकृति के साथ जो छेड़छाड़ कर रहे हैं,और उसका नतीजा हम देख ही रहे हैं आये दिन भयानक तूफानों, बाढ़, सूखा, भूकम्प जैसी आपदाओं का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है!

अगर हमने अभी भी ध्यान नहीं दिया तो हमें आने वाले समय में इसके खतरनाक परिणाम भुगतने के लिए तैयार भी रहना होगा।

प्रकृति विनाश के लिए जिम्मेदार इंसान!

पर्यावरण का करो संरक्षण, नही तो प्रदूषण कर जायेगा मानवता का भक्षण!

प्रकृति ने मानव को अनेक ऐसी वस्तुएं प्रदान की हैं जिनका उपयोग वह अपने लाभ के लिए करता है। परन्तु नए फैशन के युग की दौड़ में इंसान इन प्राकृतिक स्त्रोतों को जाने – अनजाने में स्वयं ही खत्म कर रहा है। जीव, जंतु व वनस्पति तेजी के साथ खत्म हो रही हैं तथा उसका प्रभाव मानव जीवन पर पड़ रहा है।
और नतीजा सामने है। जिससे “Global Warming” बढ़ रही है!

जिस प्रकार से Global Warming बढ़ रही है उससे लगता है कि आने वाले समय में तापमान अधिक बढ़ेगा तथा मौसम चक्र भी बदल जाएगा।

इसके अलावा आबादी भी तेजी के साथ बढ़ रही है। जिसके कारण नए शहरो व फैक्ट्रीयों का छेत्रफल बढ़ रहा है तथा जंगलो की कमी आ रही हैं। पेड़ों का कटाव होने से पर्यावरण प्रदूषित होता जा रहा है तथा ऐसे मे बड़ी संख्या मे जीव जंतु विलुप्त होते जा रहे है!

इसके साथ ही अगर हम देखें कि हमारे द्वारा नदी तथा नहरों में डाला जाने वाला प्रदूषित पानी जहर घोल रहा है जिससे पानी में रहने वाले जीव-जंतु मछली, मगरमच्छ आदि का जीवन भी इससे प्रभावित हो रहा है।

पर्यावरण को बचाने के लिए मनुष्य की जीवनशैली में बदलाव जरूरी!

अगर हम असल मे चाहते हैं कि हम और हमारी भविष्य मे आने वाली पीढ़ियाँ साफ-सुथरे वातावरण में जीवन जीएँ तो हमें अपनी इस सोच को बदलना होगा कि यदि सामने वाला व्यक्ति कुछ कदम नहीं उठा रहा तो मैं क्यों उठाऊ? ये सरासर गलत है!

इंसान हो या पशु-पक्षी हर किसी को आक्सीजन की जरूरत होती है। बिना आक्सीजन के हम एक क्षण भी नहीं जीवित नहीं रह सकते है और ऑक्सीजन पेड़ पौधों से ही प्राप्त होती है!

इसकी महत्ता को हर किसी को समझना होगा। जब तक हर व्यक्ति के अंदर प्रकृति को संभालने का जज़्बा नहीं होगा तब तक पर्यावरण प्रदूषित होता जाएगा और इंसान के लिए खतरा बढ़ता जायेगा!

अगर अब भी पर्याप्त संख्या में पौधे लगने शुरू हो जाये तो भी इस प्रदूषण के दुष्प्रभाव को कई हद तक कम किया जा सकता है।

Maintain the greenery of earth by Tree Plantation

स्वच्छता का है पर्यावरण रक्षा से गहरा संबंध, इसे बचाने हेतु प्रदूषण पर लगाना होगा प्रतिबंध।

हमारे भारत देश मे धरती को मां कहा जाता है, तो हमें अपनी धरती मां को प्रदूषण रहित बनाने मे अपना योगदान देना चाहिए!

इन सब प्रयासों में एक संस्था बढ़-चढ़कर भाग लेती है। जो हरियाणा के सिरसा जिले की Dera Sacha Sauda संस्था है!

इस संस्था ने 134 मानवता भलाई के कार्य चला रखे है जिनमे से एक है Nature Campaign.

आईये आपको इसके बारे मे जानकारी देते है!

पौधरोपण मे Dera Sacha Sauda के नाम तीन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भी दर्ज है!

गुरु जी ने पौधारोपण के लिए सभी अनुयाईयों को यही सीख दी हैं कि प्रकृति एक अनमोल चीज हैं… हमे इसके साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए!

गुरु जी कहते है कि ज़ब भी कोई खुशी के अवसर हो जैसे बर्थडे, या शादी की सालगिरह हो उसे एक नए ढंग से मनाया जा सकता है!

जैसे उस दिन को हम Tree Plantation करके सेलिब्रेट कर सकते है!

वह अपने बर्थडे पर भी अनुयायियों को यही समझाते है कि अगर आप हमको कुछ तोहफा देना चाहते हो तो आप 1-1 पौधा लगाओ!
जिससे हमारी प्रकृति हरी भरी हो सके!

आज Dera Sacha Sauda पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक मिसाल कायम कर दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बना है।

वर्ष 2009 से शुरू हुए पौधरोपण अभियान के सफर के तहत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के आह्वान पर सेवादारों द्वारा अब तक 4.5 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं!

Dera Sacha Sauda के अनुयायी खुशी इत्यादि अवसर पर नेक समाज भलाई कार्य कर खुशियां बटोरना नही भूलती है!

यह पौधा लगाते ही नहीं बल्कि उनकी पूरी तरीके से करते है सार संभाल!

डेरा अनुयायी पौधा लगाकर छोड़ते नहीं है बल्कि पौधों की बच्चों की तरह बड़े होने तक संभाल भी करते है, जिससे वातावरण शुद्ध रहने के साथ हरियाली छाए रहने से पृथ्वी का दृश्य सुंदर नजर आता है।

पौधरोपण वर्तमान समय मे हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है। ताकि बढ़ते हुए प्रदुषण को कंट्रोल किया जा सके और हम साफ-सुथरे पर्यावरण में सांस ले सके।

हमें अपने जीवन में हर खुशी के अवसर पर पौधे अवश्य लगाने चाहिए।

इसलिए आओ हम सब भी आज से यही प्रण ले कि अपनी प्रकृति की रक्षा करेंगे!

अपनी छोटी-छोटी पहल से हम सब मिलकर प्रकृति के संरक्षण के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।

Save Water, it will Save You

जल एक अनमोल तोहफ़ा, जल है तो कल है |


मनुष्य के जीवन में जल की अहम भूमिका है। किसी को बहुत प्यास लगी हो और कोई बता दे कि फलां जगह पर पानी है तो कितनी खुशी और तड़प होती है कि जल्द से जल्द पानी पीकर अपनी प्यास बुझाएं।
“जो तन लागी सो तन जाने” प्यासे को पता होता है कि प्यास क्या होती है।
पानी (जल) की जगह कोई अन्य तरल पदार्थ नही ले सकता।
जल तो मालिक का बख्शा हुआ एक अनमोल खजाना है।

इस बारे में संत राम रहीम सिंह इंसान जी ने पहले ही पानी का महत्व बताया है

जल की बर्बादी, जीवन की बर्बादी

वाकई अगर जल नहीं तो कल नही।
पानी के बिना तो कुछ संभव नही है। हमें हर जगह जल को बचाना चाहिए।
जितना जरूरत है उतना जल इस्तेमाल करो, जल को बर्बाद मत करिए।
अगर कहीं किसी भी जगह जल बिना मतलब के बह रहा है तो हमारा ये फ़र्ज़ ये Duty बनती है कि हम जल को बहने से रोकें खुले हुए नल को बंद कर दें ताकि जल को बहने से बचाया जा सके |

Save Water Tips Given by Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan
डेरा सच्चा सौदा के गुरु गद्दीनशीन पूज्य गुरु सन्त डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान जी ने जल को बचाने के लिए बहुत से Tips दिए है

  1. ब्रश करते समय पानी एक गिलास में ले, दाढ़ी बनाते समय, नहाते समय, बर्तन धोने के समय तभी नल (tap) खोलें, जब जरूरत हो।
  2. वाशिंग मशीन में थोड़े थोड़े कपड़े धोने की बजाय कपडे इक्कठे होने पर ही धोएं।
  3. वाश बेसिन के नीचे भी पानी के flow को कम करने के लिए एक tap लगी होती है, पानी का ग्लो उस tap से थोड़ा कम कर दें ताकि ज्यादा पानी न बहे।
  4. RO machine द्वारा लिए गए पानी का 75 प्रतिशत पानी waste हो जाता है, इसलिए RO से जितना जरूरत हो उतना ही पानी लें व पाइप से जो waste पानी निकल रहा है उसे बर्तन धोने या पौधों को सींचने में उपयोग लें।
    इसी प्रकार A. C से निकले waste water को पौधों को सींचने या किसी छोटे मोटे कार्य में उपयोग लें।
  5. घर में छत की टंकियों से पानी गिरना एक आम सी घटना है।
    इसे रोकने के लौट वाटर ओवरफ्लो अलार्म (water overflow alarm) लगाया जाना चाहिए, जो कि आजकल सभी लोग लगवा भी रहें हैं।
  6. किसी भी bottle में अगर पानी बचा हुआ है, अगर उसे पीना नही है तो किसी पौधे में डाल दें।
  7. सिंचाई के लिए फव्वारा सिस्टम का उपयोग बेहतर है, आधुनिक तकनीक को अपनाएं।
  8. यदि किसी सार्वजनिक पार्क, गली, आफिस इत्यादि में पानी लीक हो रहा है या पानी बह रहा है तो तुरंत जलदाय विभाग या संबधित व्यक्ति को सूचना देकर अमूल्य धरोहर जल को बचाने में सहयोग करें।
  9. औधोगिक क्षेत्र में भी जल काफी बर्बाद होता है, इसलिए इस क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए।
  10. शराब जो कि सेहत के लिए भी बहुत ज्यादा नुकसानदायक है, इसे बनाने में भी बहुत जल बर्बाद होता है जो कि गलत है। इसलिए शराब बनने पर भी पाबंदी लगाई जानी चाहिए।

जल ही जीवन है

पानी बर्बाद करने वाले को रोकें, उसे प्यार से समझाएं
अगर आपके आस पास कोई भी पानी बर्बाद कर रहा है तो उसे रोके।
क्योंकि पानी की बर्बादी सभी के लिए हानिकारक है।

सम्पूर्ण विश्व में 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World water day) मनाया जाता है।
इस दिन youth को रैली ,social media इत्यादि के माध्यम से जन साधारण को जल सरंक्षण के लिए जागरूक करना चाहिए।

Nurturing Birds and Find Happiness Everywhere

पक्षियों को भोजन खिलाकर आत्मिक और बाहरी आनन्द की अनुभूति कीजिये, दुआएँ पाइए।

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने और अपने परिवार के अलावा सोचने का टाइम नही है लोगों के पास।
लेकिन समय की कद्र करना बड़ी ही जरूरी है, हमें प्रभु भक्ति और उसकी बनाई इस सुंदर सृष्टि का भला करने के लिए समय निकालना ही होगा।
तभी खुशियां और बहारें हमारे जीवन में बरकरार रहेंगी।
सृष्टि और इस में रहने वाले जीव जंतु, पेड़ पौधे सब एक सुंदर से उपहार हैं जो प्रभु ने हमें दिए हैं।
खैर …! चलिए बात करते हैं कि दुआएं कैसे ली जाएं , कैसे मानसिक शांति और आनन्द का अनुभव किया जाए।

पक्षियों को दाना और पानी डालकर करें आनन्द व मानसिक शांति की अनुभूति:-


हमारे ऋषि मुनि,संत ,पीर फकीर सब का यही कहना है कि सृष्टि का भला और जीव जंतुओं का भला करने से अनेक परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।

अगर आपको बेचैनी रहती है, पारिवारिक परेशानी है या आप थोड़ा ग्लानि जैसा महसूस करते हैं, अगर आपका दिल नही लग रहा
तो आप सृष्टि की सेवा कीजिये, अपने दिन की शुरुआत पक्षियों के लिए रोटी और पानी रखकर कीजिये।
पक्षी जब आपका डाला हुआ चोगा खाएंगे और पानी पीएंगे तो पता नही उनकी आत्मा से क्या दुआ निकल जाए और आपको व आपके परिवार को बेइंतहा खुशियां मिल जाएं।
पर हां आप यह प्रण करो कि हमें तो पक्षियों के लिए रोटी व पानी की व्यवस्था करनी ही करनी है रोजाना।
देखिएगा ऐसा करके आपको आत्मिक शांति और परमानन्द महसूस होगा।

पक्षियों के लिए रोटी सबसे बेस्ट:-

पक्षियों के लिए चोगा भी डाल सकते हैं।
लेकिन रोटी सबसे बेस्ट है क्योंकि पका हुआ अन्न है, इसलिए जब भी आप खाना खाने के लिए बैठे तो पहली रोटी की कोर को निकालकर अपनी प्लेट में ही अलग रख दें, और फिर रोटी खाने के बाद उस कोर को अपने घर में जहां आपको सही लगे ( छत या बालकोनी ,खुले वातावरण में ) में डाल दे।
धीरे धीरे अपने आप पक्षी आएंगे और उस रोटी व पानी को ग्रहण करके आपको दुआएं देंगे।

पुरातन समय की परंपरा है पक्षियों को चोगा डालना :-

हमारे बुजुर्ग जब खाना खाया करते थे तो रोटी की एक कोर को फिजा में (खुले वातावरण में) फेंक दिया करते थे और वहां इस रोटी उस अन्न को चींटी, पक्षी ,गिलहरी इत्यादि इत्यादि पक्षी खा लिया करते थे।
इसके पीछे भी यही कारण था कि ज्यादा मेहनत भी नही करनी पड़ी और भगवान के जीव जंतुओं का भी भला हो गया, उनकी भूख प्यास मिट गई।

छोटे बच्चों को भी सिखाएं पक्षियों को चोगा एंव पानी डालना

बच्चे तो ऐसे होते हैं कि उन्हें जिधर मोड़ दोगे जैसे संस्कार दोगे आने वाले समय में वे वैसे ही बनेंगे।
इसलिए शुरू से ही उनके रोम रोम में भगवान और उसकी बनाई सृष्टि से प्यार की भावना को भर दो,सेवा करनी सिखाओ। दुनियादारी की चीज़ें तो वो सीख ही जायेंगे अपने आप। सबसे पहले अपने बच्चों को अच्छा इंसान बनाइए।

सेवा करने से सिमरन अर्थात भक्ति में मन बहुत जल्दी लगता है।
और जब भक्ति में इंसान का मन लगने लगे जाए और इंसान रोजाना सुबह शाम सच्चे दिल से प्रभु भक्ति करने लग जाये तो मनुष्य के आने वाले पहाड़ जैसे भयंकर कर्म कंकर में बदल जाते हैं, निरंतर भक्ति से उस कंकर की चुभन भी महसूस नही होती।

पक्षियों और जीव जंतुओं की की गई सेवा से प्रभु भक्ति में मन लगना आसान :-

इसलिए गर्व से , पूरे जुनून से पक्षियों के लिए दाना चोगा की व्यवस्था करो।

पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सान के अनुयायियों ने गुरु जी द्वारा चलाये हुए 134 मानवता भलाई कार्यों को पूरी गति दे रखी है।
सभी मानवता भलाई कार्य बड़े जोर शोर से किये जाते हैं।
इन्ही 134 मानवता भलाई कार्यों में से एक है पक्षियों के लिए दाना व पानी की व्यवस्था करना।
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायीं पेड़ों, पार्कों या अन्य उपयुक्त जगहों पर परिंदों को लगाते हैं एंव निरन्तर उनमें पानी डालकर अपना मानवता का फर्ज अदा करते हैं साथ ही साथ पक्षियों के लिए रोटी या चोगा की व्यवस्था भी भली भांति करते हैं।

धन्य है ऐसी सेवा भावना।

Breakfast at my House

During the week we’re often walking out the door with a coffee in one hand and slice of toast in the other, but on weekends breakfast is never rushed. It’s a late affair, sometimes spilling over to lunch, with lots of reading and chatter in between courses of fruits, poached eggs, honey and toast. One of our favorite things we like to serve when friends are visiting are buckwheat blueberry pancakes.

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